Raipur. रायपुर। आरंग क्षेत्र में सोमवार को वन मंडल रायपुर के नेतृत्व में अवैध वन्य प्राणी तस्करी पर सख्त कार्रवाई की गई। वनमंडलाधिकारी रायपुर लोकनाथ पटेल के मार्गदर्शन में उप वन मंडलाधिकारी आनंद कुदरिया और परिक्षेत्राधिकारी नवा रायपुर अटल नगर चंद्रप्रकाश महोबिया के नेतृत्व में वन मंडल स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने ग्राम निसदा के पास प्रतिबंधित कहुआ की लड़की का अवैध परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर ट्राली को जब्त किया। जांच के दौरान ट्रैक्टर का मालिक ग्राम फरफौद निवासी श्रवण धीवर पाया गया। वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टर को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई वन्य प्राणी संरक्षण और अवैध तस्करी रोकने के दिशा-निर्देशों के तहत की गई।
उड़नदस्ता टीम के सहायक प्रभारी और आरंग परिक्षेत्र सहायक संतोष सामंतराय ने बताया कि यह कार्रवाई वन मंडल रायपुर में लगातार चल रहे अभियान का हिस्सा है। वन्य प्राणी के शिकार और अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए वन मंडल स्तर पर नियमित अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन मंडल अधिकारी लोकनाथ पटेल के कुशल मार्गदर्शन में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्त नकेल कसी जा रही है। वन विभाग की इस कार्रवाई में आरंग वन परिक्षेत्र के वनरक्षक दिलीप परमार, दौलत साहू, सावन साहू, वन पाल चंदूलाल कसेर, सुरक्षा श्रमिक पूसऊ निषाद, चंद्रशेखर ध्रुव तथा वाहन चालक मुनीर खान शामिल रहे। टीम ने मौके पर ट्रैक्टर ट्राली और उसके भीतर रखे गए अवैध वन्य प्राणी को जब्त कर नियमानुसार रिकार्ड दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, वन मंडल रायपुर में उड़नदस्ता टीम ने पिछले कुछ महीनों में भी कई ऐसे मामलों में कार्रवाई की है। जिनमें अवैध शिकार और तस्करी के आरोपी पकड़े गए हैं।
वन विभाग के अधिकारी लगातार जंगल और ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त कर वन्य प्राणियों के संरक्षण को सुनिश्चित कर रहे हैं। संतोष सामंतराय ने कहा कि वन्य प्राणी संरक्षण कानून का उल्लंघन करना गंभीर अपराध है। ऐसे अपराधों पर टीम त्वरित और कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वन्य प्राणियों की तस्करी या शिकार जैसी अवैध गतिविधियों में शामिल न हों और वन विभाग के साथ सहयोग करें। वन विभाग के अनुसार, इस प्रकार की कार्रवाई न केवल वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायक होती है। आरंग क्षेत्र में वन विभाग लगातार निगरानी रख रहा है और अवैध तस्करी करने वालों पर शिकंजा कसने की रणनीति को और मजबूत कर रहा है। इस कार्रवाई से वन्य संरक्षण के प्रति गंभीरता और जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी ग्रामीणों और वन क्षेत्र के लोगों तक पहुंचा है। वन विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।