Titan-Fastrack की नकली घड़ियां बेचने वाला गिरफ्तार, भारी मात्रा में नकली घड़ियां बरामद
कंपनी और सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाने, आम जनता से धोखाधड़ी करने की शिकायत पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई.
आरोपी दुकान संचालक के विरुद्ध कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 एवं बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर की गई कानूनी कार्रवाई.
दुर्ग: शहर के इंदिरा मार्केट में नामी ब्रांड टाइटन और फास्ट्रैक के नाम पर नकली घड़ियां बेचने का मामला सामने आया है। दुर्ग कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए ‘सत कबीर वाच’ के संचालक कमलेश निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। दुकान से बड़ी मात्रा में नकली बताई जा रही घड़ियां और फास्ट्रैक के टैग जब्त किए गए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली निवासी गौरव तिवारी ने दुर्ग कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। गौरव तिवारी SNG SOLICITORS LLP के पार्टनर हैं और उन्हें टाइटन कंपनी की ओर से ब्रांडेड घड़ियों की असली-नकली जांच तथा संबंधित कार्रवाई के लिए अधिकृत बताया गया है।
शिकायतकर्ता को सूचना मिली थी कि इंदिरा मार्केट में होटल मान लाइन, नवाब प्लाजा के सामने स्थित ‘सत कबीर वाच’ दुकान में टाइटन और फास्ट्रैक कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर नकली घड़ियां बेची जा रही हैं। शिकायत में कहा गया कि इससे कंपनी और सरकार को आर्थिक नुकसान होने के साथ ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी हो रही है।
शिकायत मिलने के बाद दुर्ग कोतवाली पुलिस की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने शाम करीब 6 बजे संबंधित दुकान पर दबिश दी। जांच के दौरान दुकान से टाइटन और फास्ट्रैक कंपनी के नाम वाली कुल 280 नकली घड़ियां मिली। इसके अलावा फास्ट्रैक कंपनी के 275 नकली टैग और आरोपी का एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर प्रसिद्ध ब्रांड टाइटन और फास्ट्रैक के ट्रेडमार्क एवं नाम का इस्तेमाल कर नकली घड़ियों को असली बताकर बाजार में बेचता था। आरोप है कि इस तरीके से ग्राहकों को भ्रमित कर अवैध लाभ कमाया जा रहा था।
मामले में पुलिस ने दुकान संचालक कमलेश निर्मलकर (41 वर्ष), निवासी पंचशील नगर, वार्ड नंबर-1, दुर्ग को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत थाना दुर्ग कोतवाली में अपराध क्रमांक 0483/2026 दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।