बारनवापारा अभ्यारण्य में बाघ की मौजूदगी, वन विभाग अलर्ट

छग

Update: 2025-11-09 17:12 GMT
Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले के बारनवापारा अभ्यारण्य में वन विभाग को बाघ की सक्रियता की सूचना मिली है। यह जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीमें तुरंत बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने और उसके संरक्षण के लिए सक्रिय हो गई हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह बाघ पड़ोसी जिले गरियाबंद के देवभोग क्षेत्र से आ सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। बलौदाबाजार जिले के डीएफओ गणवीर धम्मशील ने बताया कि बाघ के आने की संभावना का पता लगाने के लिए ट्रैकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र वर्ष 2024 में भी बाघ की सक्रियता का गवाह रहा था, जब एक बाघ को ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया था। लगातार दूसरे साल बाघ की मौजूदगी इस क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र के बेहतर स्वास्थ्य का संकेत देती है।

सूचना मिलते ही वन विभाग ने क्षेत्र में अपनी गश्त बढ़ा दी है। सभी वन कर्मियों और टीमों को अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है। विभाग ने पर्यटकों के लिए कुछ पाबंदियां भी लागू की हैं ताकि बाघ और मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अभ्यारण्य के प्रमुख मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी गई है और आम लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे विशेष सावधानी बरतें। वन विभाग ने कहा कि इस बाघ की मौजूदगी पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखने और वन्य जीवन संरक्षण के प्रयासों की सफलता को दर्शाती है। बारनवापारा अभ्यारण्य पहले ही 28 हाथियों के दल का घर है, और अब बाघ की संभावित मौजूदगी से यह क्षेत्र और भी जैव विविधता समृद्ध बन गया है। अधिकारियों ने बताया कि बाघ की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने के लिए कैमरा ट्रैप्स और ट्रैकिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

स्थानीय वन रक्षकों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे बाघ की संभावित मूवमेंट पर लगातार नजर रखें। इसके अलावा ग्रामीणों और आसपास के निवासियों को भी चेतावनी दी गई है कि वे जंगल में अकेले न जाएं और किसी भी बाघ देखी जाने की स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचित करें। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बारनवापारा अभ्यारण्य का यह क्षेत्र बाघ और अन्य प्रजातियों के लिए उपयुक्त आवास और भोजन का स्रोत प्रदान करता है। बाघ की वापसी यह संकेत देती है कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र में सुधार हुआ है और वन संरक्षण के प्रयास सफल रहे हैं। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे जंगल में आग या अन्य गतिविधियों से बाघ के प्राकृतिक आवास को नुकसान न पहुंचाएं। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बाघ की मौजूदगी जैव विविधता के संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है और इसे सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। इस प्रकार बारनवापारा अभ्यारण्य में बाघ की संभावित उपस्थिति न केवल वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सफलता है, बल्कि यह दर्शाती है कि जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के प्रयासों में लगातार प्रगति हो रही है। वन विभाग अब बाघ की निगरानी और सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और इसे सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
Tags:    

Similar News