Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थानांतरण आदेश के पालन में लापरवाही को लेकर पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। थाना अर्जुन्दा में पदस्थ थाना प्रभारी जोगेंद्र साहू और आरक्षक पंकज तारम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल द्वारा अनुशासनहीनता और आदेश की अवहेलना के आरोप में की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर 2025 को कार्यालयीन आदेश के तहत थाना अर्जुन्दा में पदस्थ आरक्षक पंकज तारम का स्थानांतरण थाना गुंडरदेही के लिए किया गया था। स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया था कि संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को नवीन पदस्थापना के लिए समय पर रवानगी दी जाए। बावजूद इसके, संबंधित आरक्षक ने निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया कि न केवल आरक्षक पंकज तारम ने स्थानांतरण के बाद भी नई पदस्थापना स्थल पर ज्वाइनिंग नहीं दी, बल्कि थाना प्रभारी अर्जुन्दा जोगेंद्र साहू द्वारा भी कर्मचारी को समय पर रवानगी नहीं दी गई। इसे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश-निर्देश की अवहेलना और पदीय कर्तव्यों के प्रति गैर-जिम्मेदाराना आचरण माना गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि स्थानांतरण आदेश के बाद सभी प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, किंतु थाना प्रभारी अर्जुन्दा द्वारा आज तक संबंधित कर्मचारी को गुंडरदेही थाना हेतु रवानगी नहीं दी गई। यह कृत्य अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार की श्रेणी में आता है।
आदेश के तहत थाना प्रभारी अर्जुन्दा, उपनिरीक्षक जोगेंद्र साहू तथा आरक्षक क्रमांक 272 पंकज तारम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए रक्षित केंद्र बालोद से संबद्ध किया गया है। निलंबन आदेश दिन के अपरान्ह से प्रभावशील माना गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार की कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि सेवा नियमों और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कदम विभागीय अनुशासन बनाए रखने और सेवा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से उठाया गया है।
गौरतलब है कि पुलिस विभाग में स्थानांतरण आदेशों का पालन अनिवार्य होता है, क्योंकि इससे प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर सीधा प्रभाव पड़ता है। समय पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने से न केवल विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि संगठनात्मक अनुशासन पर भी प्रश्नचिह्न लगते हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी थाना प्रभारियों और कर्मचारियों को सेवा आचरण नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।