नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर के 93 गांवों में पहली बार लहराया तिरंगा
छग
Jagdalpur. जगदलपुर। स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर बस्तर संभाग में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला। नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हुए बस्तर के 93 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने बस्तर पहुंचे उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इसे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद पहली बार बस्तर के हर क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस का पर्व उत्साह और गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के कोने-कोने तक देश का संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूती से पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि कभी नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब तिरंगा शान से लहरा रहा है। यह बदलाव सुरक्षा बलों के प्रयासों, प्रशासन की योजनाओं और स्थानीय लोगों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में विष्णुदेव साय सरकार के गठन के बाद से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन व्यापक स्तर पर हो। पिछले पांच राष्ट्रीय पर्वों के दौरान नक्सल मुक्त हुए इलाकों में तिरंगा फहराया जाता रहा है। अब 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार बस्तर के सभी गांवों में राष्ट्रीय पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया।
उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास का नया दौर शुरू हो चुका है। जिन इलाकों में पहले डर और हिंसा का माहौल था, वहां अब बच्चे स्कूल जा रहे हैं, ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़ रहे हैं और लोग स्वतंत्र रूप से राष्ट्रीय पर्वों में भाग ले रहे हैं। विजय शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर को पूरी तरह सुरक्षित, विकसित और समृद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बस्तर के गांवों में ग्रामीणों ने उत्साह के साथ तिरंगा फहराया और देशभक्ति कार्यक्रमों में भाग लिया। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए नई शुरुआत बताया। लंबे समय तक नक्सली प्रभाव वाले क्षेत्रों में राष्ट्रीय ध्वज का फहराया जाना शांति और विश्वास की स्थापना का प्रतीक माना जा रहा है। बस्तर में पहली बार सभी गांवों तक स्वतंत्रता दिवस समारोह का पहुंचना प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।