Jagdalpur. जगदलपुर। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले चौथी कक्षा के छात्र के साथ कथित मारपीट की घटना ने न केवल परिजनों बल्कि शिक्षा विभाग को भी हिला कर रख दिया है। मामला बकावंड ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला तारापुर का है, जहां पदस्थ सहायक शिक्षिका पर छात्र के साथ शारीरिक हिंसा करने का आरोप लगा है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल में पढ़ाई के दौरान किसी बात को लेकर सहायक शिक्षिका ने चौथी कक्षा के छात्र की कथित रूप से पिटाई कर दी। इस दौरान छात्र की आंख के नीचे चोट आ गई। जब छात्र स्कूल से घर पहुंचा तो उसके चेहरे पर लगी चोट देखकर परिजन घबरा गए और मामले की जानकारी ली। छात्र द्वारा पूरी घटना बताए जाने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया।
परिजनों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए सीधे शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। उनका कहना था कि स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया और तत्काल जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में छात्र के चोटिल होने की पुष्टि होने के बाद बकावंड ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए संबंधित सहायक शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से शासकीय प्राथमिक शाला तारापुर से हटा दिया। साथ ही, उनका स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में कर दिया गया है, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी की जा सके और स्कूल का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय नियमों के तहत आगे की जांच जारी है और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूलों में शिक्षकों को बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।