मादा तेंदुए की हत्या का खुलासा, वन विभाग ने 24 घंटे में पूरे गिरोह को किया बेनकाब

छग

Update: 2025-12-16 16:47 GMT
Khairagarh. खैरागढ़। खैरागढ़ वनमंडल में मादा तेंदुए की हत्या का मामला अब पूरी तरह से उजागर हो गया है। वन विभाग ने महज 24 घंटे के भीतर घटना की जांच कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने जंगल में बिजली के तार लगाकर वन्य प्राणी पकड़ने का जाल बिछाया था। यह जाल मूल रूप से किसी और वन्य प्राणी के शिकार के लिए लगाया गया था, लेकिन उसी में एक मादा तेंदुआ फंस गई। जाल में फंसने के कारण तेंदुए को करंट लग गया और वह बुरी तरह घायल हो गया। इसके बाद आरोपी तेंदुए को मरने के बजाय लाठी-डंडों से मारते रहे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृत तेंदुए के चारों पंजे और चार दांत काटकर आरोपी ले गए और शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों में से एक व्यक्ति जादू-टोना का अभ्यास करता है।

वन विभाग के अधिकारी मानते हैं कि तेंदुए की हत्या के पीछे अंधविश्वास भी एक बड़ा कारण हो सकता है। ग्रामीण इलाकों में कुछ लोग वन्य प्राणियों के अंगों को तंत्र-मंत्र और जादू-टोने के लिए उपयोग करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय अमला, राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल और डॉग स्क्वॉड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह की पहचान कर ली गई। आरोपियों की निशानदेही पर बिजली के तार, लाठी-डंडे, धारदार हथियार, और
तेंदुए
के गायब पंजे व दांत बरामद किए गए। वन विभाग ने नियमों के अनुसार तेंदुए का पोस्टमार्टम कराया और उसका अंतिम संस्कार किया। साथ ही सभी जरूरी सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं। मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस घटना से यह साफ होता है कि जंगलों में लगाए गए अवैध करंट जाल और अंधविश्वास वन्य जीवों के लिए कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट है कि समय पर और सख्त कार्रवाई करने पर ऐसे अपराधियों को जल्दी पकड़ा जा सकता है।

पकड़े गए आरोपी:
डोमन लाल वर्मा
चंदू राम वर्मा
हेमचंद वर्मा
दीपक यादव
फ़िरोज़ निषाद
कचरू यादव

वन विभाग ने जनता से अपील की है कि किसी भी अवैध शिकार और करंट जाल की सूचना तुरंत दें। अधिकारियों ने कहा कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा और जंगल के संतुलन को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि वन्य जीवों के शिकार में शामिल कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला जंगलों में वन्य जीवों की सुरक्षा की सख्त जरूरत को फिर से उजागर करता है। वन्य जीवों के खिलाफ ऐसे कुकृत्य न केवल कानून के तहत अपराध हैं बल्कि प्राकृतिक संतुलन और जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा हैं। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित किया कि यदि सभी अधिकारी और टीम सक्रिय हों तो वन्य जीवों के संरक्षण में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
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