Balod. बालोद। जिले में तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्ण वाहन चलाने के कारण एक गंभीर सड़क हादसा सामने आया है। ग्राम झिटिया निवासी पूरण लाल गायकवाड ने अपने घायल बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए थाना देवरी में बाइक चालक धर्मेन्द्र देशलहरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने आवेदन प्रस्तुत किया है। यह घटना 23 अक्टूबर 2025 की सुबह लगभग 10 बजे की बताई जा रही है, जब पूरण लाल का 22 वर्षीय बेटा विमल कुमार गायकवाड गंभीर रूप से घायल हो गया था।
आवेदन में पूरण लाल ने उल्लेख किया है कि उनका बेटा विमल, रिश्तेदार धर्मेन्द्र देशलहरे के साथ मोटरसाइकिल क्रमांक CG-24-T-2994 से ग्राम झिटिया से राजनांदगांव बाल बेचने के लिए सुबह 7 बजे निकला था। मोटरसाइकिल गिरवर गायकवाड की थी, जिसे उनके छोटे भाई हेमलाल गायकवाड से मांगकर ले जाया गया था। वापसी के दौरान, ग्राम टटेंगा बस्ती के निकट, धर्मेन्द्र देशलहरे ने बाइक को तेज, लापरवाहीपूर्वक और उतावलेपन से चलाते हुए रोड किनारे रखे गिट्टी के ढेर में चढ़ा दिया।
तेज टक्कर से मोटरसाइकिल के पीछे बैठे विमल गायकवाड सड़क पर उछलकर गिर पड़े। हादसे में विमल के सिर के ऊपरी हिस्से में आंतरिक चोट, बाएं कान और बाएं हाथ में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। घटना के बाद धर्मेन्द्र ने विमल के मोबाइल से उसके छोटे भाई व्यास नारायण को सूचना दी। परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में विमल को घर लाते हुए उपचार के लिए ऊतई स्थित संजीवनी अस्पताल में भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने विमल की हालत को गंभीर बताते हुए उसे 23 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अस्पताल में भर्ती रखा। चिकित्सकों के अनुसार उसके स्वस्थ होने में 4 से 6 महीने का समय लग सकता है और बीच-बीच में इलाज जारी रखना होगा। पूरण लाल गायकवाड ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने घटना स्थल जाकर धर्मेन्द्र देशलहरे से दुर्घटना का कारण पूछा, तब उनकी लापरवाही की पुष्टि हुई। उनका कहना है कि बाइक पर तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण ही उनके बेटे की जान जोखिम में पड़ी है, इसलिए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने थाना देवरी प्रभारी से अनुरोध किया है कि धर्मेन्द्र देशलहरे के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने, दुर्घटना करवाने और युवक को गंभीर रूप से घायल करने के आरोप में FIR दर्ज की जाए। प्रार्थी पूरण लाल गायकवाड ने प्रमाणित दस्तावेज, अस्पताल रिकॉर्ड और बयान प्रस्तुत कर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तेज रफ्तार और असावधानी से चलाए जाने वाले वाहनों पर लगाम कैसे लगे। परिजन अब प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।