एकीकृत किसान पोर्टल पर कैरीफॉरवर्ड, डूबान और वन पट्टा कृषकों के पंजीयन की समय सीमा बढ़ी
छग
Mahasamund. महासमुंद। कृषकों की सुविधा और हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन की समय सीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से जारी आदेश के अनुसार अब कैरीफॉरवर्ड, डूबान प्रभावित किसान, तथा वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया गया है। पहले यह प्रावधान केवल तहसील लॉगिन के माध्यम से 18 से 25 नवंबर 2025 तक ही प्रभावी था, लेकिन अब कृषि विभाग ने इसे 30 नवंबर 2025 तक बढ़ाने के साथ यह सुविधा सभी समितियों के समिति लॉगिन में भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रह जाए।
कृषकों की सहूलियत को प्राथमिकता
सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाने का निर्णय उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है जो समयाभाव, दस्तावेजों में त्रुटि या तकनीकी कारणों से अपना पंजीयन पूर्ण नहीं कर पाए थे। कई क्षेत्रों में डूबान प्रभावित किसानों और वनाधिकार पट्टा धारक किसानों का पंजीयन लंबित था, जिसे देखते हुए विभाग ने अतिरिक्त समय प्रदान करने की आवश्यकता महसूस की। अधिकारियों का कहना है कि कैरीफॉरवर्ड श्रेणी में आने वाले किसानों के लिए भी यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें खरीफ सीजन की उपज खरीदी प्रक्रिया से जोड़ने में मदद करेगा।
समिति लॉगिन में नई सुविधा
कृषि विभाग ने निर्देशित किया है कि बढ़ाई गई समयावधि के दौरान अब समितियों के लॉगिन में भी पंजीयन किया जा सकेगा। पहले यह सुविधा केवल तहसील स्तर पर सुलभ थी, जिसकी वजह से कई किसान समितियों में पंजीयन नहीं करा पा रहे थे। अब सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACs) को निर्देशित किया गया है कि वे किसानों के डेटा का सत्यापन कर समय सीमा के भीतर पंजीयन प्रक्रिया को पूर्ण करें।
किसानों को मिलेगा समय पर लाभ
पंजीयन पूर्ण होने पर किसानों को खरीफ वर्ष 2025–26 की सरकारी समर्थन मूल्य खरीदी योजना, धान खरीदी, इनपुट सब्सिडी, फसल नुकसान राहत और अन्य कृषि लाभ योजनाओं का फायदा मिलेगा। समय सीमा बढ़ने से डूबान प्रभावित और वन पट्टाधारी किसानों को विशेष राहत मिली है, जो अक्सर दस्तावेजी प्रक्रिया में देरी के कारण समय से पंजीयन नहीं करा पाते।