Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में विकास कार्यों और न्यायिक व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण गतिविधियां सामने आई हैं। एक ओर जहां कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने सड़क निर्माण कार्य का मौके पर निरीक्षण कर गुणवत्ता की जांच की, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशानुसार 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के राजीनामा योग्य मामलों का आपसी समझौते से निराकरण किया जाएगा। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे क्षेत्र भ्रमण के दौरान सरसीवा से सरायपाली मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य के पास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के प्रतिनिधियों से निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से भी चर्चा की और उन्हें बताया कि सरसीवा से सरायपाली तक लगभग 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इस सड़क के बनने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से बेहतर हो सकेगा। उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता और तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। इस बीच न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में अधीनस्थ न्यायालय से लेकर उच्च न्यायालय तक के सभी न्यायालयों में वर्ष 2026 की पहली नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को किया जाएगा। इस लोक अदालत में ऐसे मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्हें आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से निपटाया जा सकता है।
इसमें पक्षकारों के बीच समझौते के आधार पर मामलों का त्वरित और सरल समाधान किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने राजीनामा योग्य मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत कर जल्द समाधान प्राप्त कर सकते हैं। लोक अदालत के संबंध में अधिक जानकारी के लिए संबंधित व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा वे माननीय न्यायालय, राजस्व विभाग के कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार के न्यायालय, पुलिस विभाग, नगर निगम, नगरपालिका, नगर पंचायत, बीएसएनएल, विद्युत विभाग तथा विभिन्न बैंकों से भी संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नेशनल लोक अदालत में जिन मामलों का निराकरण किया जाएगा उनमें दाण्डिक राजीनामा योग्य प्रकरण, चेक बाउंस मामले, बैंक रिकवरी से जुड़े प्री-लिटिगेशन प्रकरण, मोटरयान अधिनियम से संबंधित मामले, भरण-पोषण (मेंटेनेन्स) के मामले, परिवार न्यायालय से जुड़े प्रकरण, श्रमिक विवाद, जमीन विवाद, विद्युत प्रकरण, जलकर, संपत्ति कर, टेलीफोन प्रकरण तथा राजस्व प्रकरण शामिल हैं। लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निपटारा कर न्यायिक प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाना है। इस व्यवस्था के माध्यम से पक्षकारों के बीच आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान किया जाता है, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है।