Raigarh. रायगढ़। खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसकोल में मृतक रमेश चौहान की मौत के बाद ग्रामीणों की तीव्र प्रतिक्रिया के चलते प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार 5 मार्च को ग्राम परसकोल के लगभग 150-200 ग्रामीण शाम करीब 4:30 बजे एसडीएम कार्यालय खरसिया पहुंचे और मृतक की मृत्यु को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप था कि रमेश चौहान की मौत पुलिस प्रताड़ना के कारण हुई है। ग्रामीणों ने शाम करीब 7 बजे तक एसडीएम कार्यालय परिसर में नारेबाजी जारी रखी।
इसके बाद ग्रामीण नेशनल हाईवे, ग्राम बोतल्दा चौक पर पहुंच गए और मुख्य मार्ग पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200-250 हो गई। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे। ग्रामीणों ने मांग की कि मृतक की मृत्यु की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और शासकीय नौकरी प्रदान की जाए, और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मौके पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तथा एसडीएम खरसिया मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों को शांतिपूर्ण तरीके से समझाइश दी और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी ग्रामीण मुख्य मार्ग से हटकर अपने-अपने गाँव लौट गए। प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक के परिजनों की मांग पर मजिस्ट्रियल जांच कराने के आदेश दिए। इसके अलावा मृतक के परिजनों को कलेक्टर दर पर शासकीय सेवा में नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मामले में थाना प्रभारी सहित दो पुलिसकर्मियों- विसोप सिंह और योगेश साहू को लाइन अटैच करने की कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस द्वारा की गई लापरवाही और कथित प्रताड़ना ने उनके परिवार को अपूरणीय नुकसान पहुँचाया है। प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश ने स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की। इस घटना ने जिले में पुलिस और प्रशासन के प्रति जनसुरक्षा और जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं। जिला प्रशासन ने कहा कि आगे किसी भी संवेदनशील प्रकरण में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि नागरिकों का भरोसा कायम रहे और कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
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