एक साल से फरार था नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
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Balrampur. बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में नाबालिग से यौन शोषण के मामले में एक साल से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी कोतवाली पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामला वर्ष 2024 का है, जब बलरामपुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग बालिका ने आरोपी बबलू यादव पिता बऊआ यादव, निवासी ग्राम जामडीह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 140/2025 दर्ज किया था।
आरोप के अनुसार, बबलू यादव ने नाबालिग बालिका के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए और घटना की जानकारी किसी को देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 351(3), 64(2/M) बीएनएस तथा धारा 4 और 6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लेकिन मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी गिरफ्तारी के डर से फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई बार दबिश दी, लेकिन वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने उसकी फरारी में अभियोग पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
इस बीच, कोतवाली पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी ग्राम घोड़ासोत (थाना चांदो क्षेत्र) में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की और योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि बबलू यादव पिछले एक वर्ष से लगातार फरार चल रहा था और अपनी पहचान छिपाने के लिए दूसरे गांव में मजदूरी कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई बलरामपुर जिले में अपराधियों पर नकेल कसने की दिशा में एक अहम कदम है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों पर सख्ती से निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तारी करने वाली टीम की सराहना करते हुए कहा कि पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में पुलिस की जिम्मेदारी और भी ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की प्रशंसा की है और उम्मीद जताई है कि कानून का भय कायम रहेगा और समाज में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।