छत्तीसगढ़ के शिल्प और लोकनृत्य से सजे 17 दिवसीय गोंडवाना महोत्सव का भव्य आगाज
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में आयोजित 17 दिवसीय गोंडवाना राष्ट्रीय आजीविका एवं सांस्कृतिक कला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। मां पीतांबरा जन सेवा समिति द्वारा बीटीआई ग्राउंड में आयोजित इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प, बुनकर, लोक कलाकार और सांस्कृतिक समूह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड द्वारा प्रायोजित इस मेले में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है, जिसके चलते पहले ही दिन से भारी भीड़ देखने को मिली। महोत्सव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों के शिल्पकारों, आदिवासी कलाकारों और बुनकरों को मंच प्रदान करना है, ताकि उनकी कला सीधे लोगों तक पहुँचे और बाज़ार का विस्तार हो सके।
राम की धुन और आदिवासी नृत्य ने बांधा समां
शुभारंभ के अवसर पर बीटीआई ग्राउंड राम भक्ति की धुन और आदिवासी नर्तक दलों की प्रस्तुति से गूंज उठा। गोंडवाना क्षेत्र की परंपरागत संस्कृति को दर्शाते इन कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर गोंड, बैगा, हल्बा और उरांव जनजाति के कलाकारों ने अपने पारंपरिक नृत्यों की झलक पेश की।
असम स्टाइल का भव्य प्रवेश द्वार बना आकर्षण
मेले में प्रवेश के लिए बनाया गया असम-शैली वाला विशाल गेट लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसके साथ ही प्रदर्शनी में भारत के विभिन्न हिस्सों से आए प्रसिद्ध हस्तशिल्प कलाकारों की कलाकृतियाँ प्रदर्शित हैं—जिनमें बांस कला, बेल मेटल, टेराकोटा, हैंडलूम साड़ियों, वुड क्राफ्ट, जूट उत्पाद और कई अन्य वस्तुएँ शामिल हैं।
हैंडमेड और हैंडलूम उत्पादों पर ग्राहकों की विशेष नजर
प्रदर्शनी में लगे स्टॉल्स पर हस्तनिर्मित और हैंडलूम उत्पादों की शानदार विविधता देखने को मिल रही है। कारीगरों ने बताया कि इस मेले में उन्हें सीधे ग्राहकों से जुड़ने और अपनी कला को व्यापक बाजार देने का सुनहरा अवसर मिलता है। कई राज्यों—जैसे मध्यप्रदेश, ओडिशा, असम, उत्तराखंड, राजस्थान और पश्चिम बंगाल—के कलाकारों ने भी अपनी पारंपरिक कलाकृतियों के साथ मेले में हिस्सा लिया है। यहां घरेलू सामान, ऑटोमोबाइल, फर्नीचर, ज्वेलरी, गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड ज़ोन और रियल एस्टेट के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र हैं। आयोजकों के अनुसार कई उत्पादों पर भारी छूट दी जा रही है, जिसके चलते ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
बच्चों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं शुरू
आयोजक वैभव सिंह सिसोदिया और सौरभ सिंह सिसोदिया ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मेले में बड़े स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। शुक्रवार से विभिन्न प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं, जिनमें बच्चे, युवा और महिलाएँ भाग ले रही हैं। इच्छुक प्रतिभागी ऑनलाइन या स्थल पर रजिस्ट्रेशन करवाकर हिस्सा ले सकते हैं। यहां डांस, सिंगिंग, ड्रॉइंग, फैशन शो, हैंडकाफ्ट प्रतियोगिता जैसी कई गतिविधियां होंगी। प्रतिभागियों के उत्साह ने पहले ही दिन मेले में जोश भर दिया।
मुख्य अतिथियों ने किया शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ वरिष्ठ प्रचारक धर्मजागरण संगठन मंत्री धर्मेंद्र जी चंद्रा, प्रचारक हिंदू जागरण मंच के संगठन मंत्री राजेश जी भार्गव और वरिष्ठ समाजसेवियों की उपस्थिति में हुआ। मंचासीन अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय कलाकारों के जीवन में उजाला भरते हैं बल्कि देश की विविध सांस्कृतिक धरोहर को भी मजबूत करते हैं। मनोरंजन की दृष्टि से भी इस बार मेले में विशेष सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। रायपुर में पहली बार लगाए गए 28 सीटर जॉइंट व्हील झूले, ड्रैगन ट्रेन, पैंथर राइड और बच्चों के लिए कई आकर्षक झूलों ने परिवारों का ध्यान खींच लिया है।