Ambikapur/Surajpur. अंबिकापुर/सूरजपुर। सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र में एक आदिवासी नाबालिग किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। किशोरी का शव कमरे में फंदे से लटका मिला था। पुलिस ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया, लेकिन परिजनों और समाज के लोगों ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद परिजन शव लेकर अंबिकापुर स्थित आईजी कार्यालय पहुंच गए और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। परिजनों की मांग के बाद शव को मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया गया है। जानकारी के अनुसार, मामला सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करौंधा का है। बताया जा रहा है कि नाबालिग आदिवासी किशोरी कुछ समय से अपने परिचित के घर रह रही थी। वह गांव के ही श्रवण जायसवाल के घर घरेलू काम करती थी।
घटना 1 सितंबर की बताई जा रही है। दोपहर में खाना खाने के बाद किशोरी अपने कमरे में आराम करने चली गई थी। शाम तक जब वह कमरे से बाहर नहीं आई तो घर के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। कमरे में जाकर देखने पर किशोरी फंदे पर लटकी हुई मिली। इसके बाद परिजनों ने तत्काल उसे फंदे से नीचे उतारा और इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हालांकि इसके बाद परिजनों और समाज के लोगों ने घटना को लेकर कई सवाल उठाए। परिजनों का कहना है कि किशोरी की मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं और पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। बताया जा रहा है कि श्रवण जायसवाल की ओर से मृतका के परिवार को 20 हजार रुपये दिए गए थे। इसी बात को लेकर परिजनों का संदेह और बढ़ गया।
परिजनों और समाज के लोगों ने किशोरी के शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद गुरुवार देर शाम बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन शव लेकर अंबिकापुर स्थित आईजी कार्यालय पहुंच गए। वहां काफी देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। परिजनों ने किशोरी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने मामले में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की भी मांग रखी, ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।
आईजी कार्यालय पहुंचने के बाद सरगुजा आईजी ने मृतका के परिजनों से मुलाकात की और उनकी बात सुनी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजनों की मांग पर शव को मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में रखवा दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। किशोरी की मौत आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। वहीं परिजन दोबारा पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम हैं। अब आगे की जांच में ही किशोरी की संदिग्ध मौत की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
Tags: