रायपुर। मोला छोड़ के रानी छत्तीसगढ़ी गाने का टीजर रिलीज हो गया है।  छत्तीसगढ़ की मीडिया और मनोरंजन दुनिया को एक नई उड़ान देने के उद्देश्य से जनता से रिश्ता मीडिया हाउस ने वीडियो एलबम निर्माण के क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है। इसकी शुरुआत बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी वीडियो "गोल बाजार का लहंगा" के साथ हुई। फिर तोर मया ल पाए बर छत्तीसगढ़ी गाने में तहलका मचाया। ये का करे तै जादू , रिमझिम बरसात के बाद होके मगन गाने का पूरा वीडियो रिलीज हो गया है। अब मोला छोड़ के रानी छत्तीसगढ़ी गाने का टीजर आ गया है। 

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"गाना वाला" यूट्यूब चैनल से होगी रिलीज़ - एलबम का निर्माण जनता से रिश्ता के प्रबंध संपादक पप्पू फ़रिश्ता द्वारा यूट्यूब चैनल "गाना वाला" के लिए किया जा रहा है। यह चैनल विशेष रूप से छत्तीसगढ़ी, हिंदी, उड़िया, भोजपुरी और तेलुगू भाषाओं में संगीत और वीडियो एलबम निर्माण के लिए तैयार किया गया है। यह साझेदारी सिर्फ एक एलबम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रति माह विभिन्न भाषाओं में नए वीडियो एलबम्स को नियमित रूप से रिलीज़ किया जाएगा। कलाकारों को मिलेगा मंच - गाना वाला चैनल का उद्देश्य न केवल संगीत प्रेमियों तक उत्कृष्ट कंटेंट पहुँचाना है, बल्कि नए और उभरते कलाकारों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और रील क्रिएटर्स को भी मंच देना है। पप्पू फरिश्ता ने कहा, "हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ और अन्य भाषाई क्षेत्रों के प्रतिभाशाली कलाकारों को एक ऐसा प्लेटफार्म दिया जाए जहाँ वे अपनी प्रतिभा दिखा सकें और एक पहचान बना सकें।"

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वीडियो एलबम्स को केवल यूट्यूब तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि यह सभी प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म, इंटरनेट स्ट्रीमिंग सेवाओं, और जनता से रिश्ता न्यूज़ वेबसाइट की वीडियो कैटेगरी में भी उपलब्ध रहेंगे। वेबसाइट की प्रति दिन 75 लाख यूज़र और 6 करोड़ व्यूअरशिप का लाभ इन वीडियो एलबम्स को मिलेगा, जिससे इन्हें एक बड़ा डिजिटल दर्शक वर्ग मिल सकेगा।

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फिल्मी विरासत से प्रेरित - इस पहल की जड़ें पप्पू फरिश्ता के पारिवारिक फिल्मी इतिहास से भी जुड़ी हुई हैं। उनके चाचा स्वर्गीय जाफर फरिश्ता छत्तीसगढ़ की प्रथम फिल्म "कहि देबे संदेश" तथा "घर द्वार" जैसी फिल्मों के हीरो रह चुके हैं और मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में भी सक्रिय रहे हैं। उनके द्वारा निर्मित फिल्मों में "सौ दिन सास के", "बॉम्बे फोर ज़ीरो फाइव माइल्स", और "भागो भूत आया" जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा, पप्पू फरिश्ता के पिता स्व. गुलाम अली फरिश्ता के फूफा स्व. ख्वाजा अहमद अब्बास, जो कि अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म के निर्माता और निर्देशक थे, इस परिवार को फिल्म निर्माण के लिए प्रेरित किया था। जनता से रिश्ता मीडिया हाउस का यह कदम न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों में उभरती प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच देने का काम करेगा। “गोल बाजार का लहंगा” वीडियो एलबम इस पहल की पहली झलक है, जिसकी पूरी प्रस्तुति आने वाले दिनों में दर्शकों के सामने होगी। यह एक ऐसा उदाहरण बन सकता है जहां मीडिया हाउस मनोरंजन, संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को एक साथ जोड़ते हुए डिजिटल क्रांति की ओर कदम बढ़ा रहा है।

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