मैत्री डेंटल कॉलेज में छात्रों को साइबर ठगी और महिला सुरक्षा की दी जानकारी
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Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत दुर्ग पुलिस ने मैत्री डेंटल कॉलेज अंजोरा में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और नागरिकों को साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय ठगी, नशे के दुष्प्रभाव और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 15 अगस्त 2026 से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशभर में “संकल्प—साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत चौकी अंजोरा, थाना पुलगांव क्षेत्र अंतर्गत मैत्री डेंटल कॉलेज में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी। इस दौरान बताया गया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में लोगों को डिजिटल लेनदेन करते समय सतर्क रहने की जरूरत है।
साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी
कार्यक्रम में साइबर क्राइम प्रभारी द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों और नागरिकों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP, बैंक खाता संबंधी जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा अनजान APK फाइल डाउनलोड करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान नंबरों से आने वाली WhatsApp वीडियो कॉल से सावधान रहने की अपील की गई। पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन वित्तीय ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। कार्यक्रम स्थल पर “मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं” संदेश के साथ जागरूकता सेल्फी बोर्ड भी लगाया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और नागरिकों ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
नशा मुक्ति को लेकर भी किया जागरूक
कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे की आदत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। इस दौरान उपस्थित लोगों को “नशा छोड़ें, जिंदगी जोड़ें” का संदेश दिया गया और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की गई। पुलिस ने बताया कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 पर संपर्क किया जा सकता है।
महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को भी विशेष रूप से शामिल किया गया। महिलाओं और बालिकाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने और विपरीत परिस्थितियों में खुद की सुरक्षा करने के उपाय बताए गए। इस दौरान कराटे और विभिन्न आत्मरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें आवश्यक कौशल सीखने के लिए प्रेरित करना था।
पुलिस अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ममता देवांगन, एसडीओपी धमधा चित्रा वर्मा, डीएसपी यातायात विशाल सोन, साइबर क्राइम प्रभारी डॉ. संकल्प राय सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर अपराधों से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण या निजी जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक और APK फाइल से दूरी बनाए रखें। पुलिस ने कहा कि ऑनलाइन ठगी होने पर समय बर्बाद किए बिना तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत करें। वहीं नशा मुक्ति सहायता के लिए 1933 हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। दुर्ग पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।