धान खरीदी में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई, पटवारी राजकुमार आजाद निलंबित
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Sakti. सक्ती। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत जिले में संचालित धान खरीदी कार्य में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन सक्ती ने सख्त रुख अपनाया है। धान खरीदी जैसे संवेदनशील और किसान हित से जुड़े कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने पर तहसील सक्ती में पदस्थ पटवारी राजकुमार आजाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सक्ती द्वारा की गई है। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी राजकुमार आजाद पर शासन द्वारा संचालित महत्वपूर्ण अभियान धान खरीदी वर्ष 2025–26 के कार्यों के समुचित निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोप पाए गए। जांच में सामने आया कि संबंधित पटवारी ने अपने पदीय दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन नहीं किया और उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की अवहेलना की। इसके अलावा, वे बिना पूर्व अनुमति के अपने पदस्थ कार्यस्थल से अनुपस्थित भी पाए गए, जिससे धान खरीदी व्यवस्था प्रभावित हुई।
प्रशासनिक जांच में यह तथ्य स्पष्ट हुआ कि पटवारी द्वारा किया गया आचरण शासकीय सेवा नियमों के विपरीत है। उनके इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के अंतर्गत कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। इसी आधार पर सक्षम प्राधिकारी ने राजकुमार आजाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी राजकुमार आजाद का मुख्यालय तहसील कार्यालय सक्ती नियत किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। साथ ही, मामले में विभागीय जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और भविष्य में इस तरह की लापरवाही को रोका जा सके।
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने इस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और यह सीधे तौर पर किसानों के हितों से जुड़ा हुआ विषय है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनुशासनहीनता या मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि सभी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समयबद्ध तरीके से करें। जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। यदि भविष्य में भी किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा कार्य में लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के शासकीय अमले में अनुशासन का संदेश गया है और किसानों में यह भरोसा बढ़ा है कि उनके हितों की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।