अवैध खनिज उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई, 8.93 लाख रुपये की शास्ति जारी

छग

Update: 2025-12-22 17:16 GMT
Raigarh. रायगढ़। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ग्रामवासियों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर तहसील लैलूंगा अंतर्गत ग्राम जामबहार में खनिज विभाग की टीम द्वारा 9 दिसंबर 2025 को मौके पर जांच की गई। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार की गई, ताकि अवैध खनिज उत्खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। जांच के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि विंकल मित्तल, निवासी लैलूंगा, खनिज पत्थर का अवैध उत्खनन कर रहे थे। मौके पर खनिज विभाग की टीम ने जांच की और संबंधित व्यक्ति द्वारा स्वयं अवैध उत्खनन करने की बात स्वीकार की। इसके आधार पर खनिज विभाग ने तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की।
खनिज विभाग ने इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया। इसके साथ ही अधिनियम की धारा 21(5) एवं 23क के अंतर्गत अवैध उत्खननकर्ता पर 8,93,640 रुपये की शास्ति लगाते हुए राशि को खनिज मद में जमा कराई गई। खनिज विभाग के अधिकारी ने बताया कि अवैध उत्खनन की रोकथाम और खनिज संसाधनों की रक्षा के लिए ग्रामीणों की उपस्थिति में मौके पर जांच की गई, ताकि कार्रवाई पारदर्शी और प्रभावी हो। विंकल मित्तल द्वारा अपने अपराध की स्वीकृति ने कार्रवाई को सरल और स्पष्ट बनाया।
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने खनिज विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर और कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि खनिज अमला इस प्रकार की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे और अवैध खनिज कारोबारियों को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाए। खनिज विभाग ने जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अवैध उत्खनन की संभावित गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अवैध खनिज उत्खनन की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
अवैध उत्खनन के खिलाफ यह कार्रवाई जिले में खनिज सुरक्षा और संसाधन संरक्षण के महत्व को उजागर करती है। अधिकारियों का कहना है कि खनिजों के अवैध व्यापार से राज्य को भारी नुकसान होता है और इससे प्राकृतिक संसाधनों का दोहन होता है। इसलिए प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है। कलेक्टर ने कहा कि खनिज विभाग और प्रशासन की संयुक्त पहल से अवैध उत्खनन की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही, अवैध खनिज उत्खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे जिले में खनिज संसाधनों का संरक्षण और वैध उत्खनन को बढ़ावा मिलेगा।
इस मामले में 8.93 लाख रुपये की शास्ति केवल आर्थिक दंड ही नहीं बल्कि जिले में खनिज नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन की शून्य-सहनशीलता को भी दर्शाती है। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि अवैध खनिज उत्खनन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई जिले में खनिज विभाग की सतर्कता और कानून के प्रति गंभीरता को दर्शाती है और अन्य संभावित अवैध उत्खननकर्ताओं के लिए सख्त चेतावनी के रूप में काम करेगी।
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