Durg. दुर्ग। भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य के तहत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने आज स्वयं निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य उन बूथों की पहचान करना था, जहाँ अपशेंट (अनुपस्थित) और शिफ्टेड वोटर्स की संख्या अधिक है और जिनकी वास्तविक स्थिति बदल चुकी है। विशेष रूप से सेक्टर-3, 4, 5, 6 और 7 के ऐसे बूथों का निरीक्षण किया गया, जहाँ कई पुराने और जर्जर भवनों के कारण निवासियों का वास्तविक पता नहीं है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के साथ अपर कलेक्टर एवं निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्रीमती योगिता देवांगन, सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा, सुपरवाइजर और संबंधित बूथों के बीएलओ व बीएलए भी उपस्थित थे। उन्होंने प्रत्येक बूथ पर जाकर स्थानीय परिस्थितियों का अध्ययन किया और अपशेंट एवं शिफ्टेड वोटर्स की सूची का अवलोकन किया। सेक्टर-7 के बूथ 21 (सड़क 35, 36) और बूथ 22 (सड़क 31, 33, 34) में कई बिल्डिंग जर्जर स्थिति में हैं।
इनमें अब कोई निवास नहीं करता। ऐसे क्षेत्रों में पहले के निवासी जिनके नाम अभी भी वोटर सूची में जुड़े हैं, उन्हें नाम विलोपित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसी तरह, सेक्टर-6 के बूथ 47, 39 और 44 में पहले बीएसपी द्वारा आबंटित कई बैंक और दूरसंचार विभाग की भूमि पर बने भवन भी अब जर्जर अवस्था में हैं। यहाँ के पूर्व वोटर्स के नाम भी सूची से हटाए जाएंगे। सेक्टर-5 के बूथ 54, सेक्टर-4 के बूथ 67 और सेक्टर-3 के बूथ 82 का निरीक्षण भी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वोटर सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वास्तविक निवासियों के डेटा को ही सूची में रखा जाए। इसके लिए बीएलओ और बीएलए को स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहने और आवश्यक प्रमाण-पत्रों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि यह निरीक्षण केवल भवनों की स्थिति देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रक्रिया भोटर सूची को अपडेट और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक है। इससे आगामी चुनाव में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या त्रुटिपूर्ण सूची से बचा जा सकेगा। उन्होंने अपशेंट और शिफ्टेड वोटर्स की पहचान कर सही और वास्तविक डेटा के आधार पर नाम विलोपित करने पर जोर दिया। भिलाई नगर विधानसभा में यह विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और जनता के विश्वास को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। जिले के सभी मतदान केंद्रों में समय-समय पर ऐसे निरीक्षण से निर्वाचन कार्य और अधिक प्रभावी एवं सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा।