ड्रंक ड्राइव रोकने पर ट्रैफिक पुलिस को धमकी, सोशल एक्टिविस्ट गिरफ्तार

छग

Update: 2026-03-29 17:40 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी में सड़क सुरक्षा और हादसों पर नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है, लेकिन इस दौरान कुछ लोग अपनी पहुंच और राजनीतिक प्रभाव का रौब दिखाते हुए ट्रैफिक पुलिस के साथ विवाद करने लगते हैं। ऐसा ही मामला 28 मार्च की रात तेलीबांधा थाना क्षेत्र में सामने आया। यहाँ एक कार चालक, जो शराब के नशे में वाहन चला रहा था, जब ट्रैफिक पुलिस से अपनी कार की चाबी देने से इनकार किया, तो उसने गुस्से में पुलिसकर्मी को धमकी दे डाली। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।


जानकारी के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस तेलीबांधा क्षेत्र में नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एक कार को रोककर चालक की जांच की गई। परीक्षण में पाया गया कि चालक शराब के प्रभाव में था। जब उससे कार की चाबी मांगी गई, तो चालक भड़क गया और पुलिसकर्मी निरीक्षक वैभव मिश्रा को धमकी देने लगा। उसने कहा कि “मैं बवाल करूंगा, आप पुलिस में हो न, अब आप देखों, जब मैं बोल रहा हूं, मैं प्रदेश पदाधिकारी हूं, अब पूरा अंजाम यहीं भुगतना पड़ेगा।” घटना के दौरान चालक ने दूसरे पुलिसकर्मी की मदद लेने पर भी विरोध किया। उसने कहा कि “छोटा मोटा चालान के लिए तैयार हूं, थोड़ा बहुत पिया हूं, गाड़ी लेकर जाऊंगा।” जब पुलिस ने वीडियो बनाना शुरू किया, तो उसका पारा चढ़ गया और उसने कहा कि “ओये वीडियो बंद करो, मैं भी वीडियो बनाऊंगा।”

पुलिस जांच में पता चला कि धमकी देने वाला युवक राजू मित्रा है, जो हिंदू जागरण मंच, दुर्ग का जिलाध्यक्ष है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर कई राजनीतिक नेताओं और अन्य हस्तियों के साथ तस्वीरें मौजूद हैं। इस घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने राजू मित्रा के खिलाफ धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून किसी के लिए नहीं रुकता और किसी भी नागरिक या संगठन का पद होने पर भी कानून के खिलाफ कोई सहन नहीं किया जाएगा।

राजधानी में हाल के महीनों में ड्रंक ड्राइविंग और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बढ़ा है। इस तरह की घटनाओं से सड़क सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शराब पीकर वाहन चलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि आरोपी व्यक्ति किसी संगठन का जिलाध्यक्ष है। पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि सड़क सुरक्षा और कानून का पालन सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य है। इस मामले में पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी।
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