Bilaspur. बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम हिर्री में गरीबों को भोजन और नकदी के लालच में मतांतरण कराने का मामला सामने आया है। स्थानीय हिंदू संगठनों की शिकायत पर मस्तूरी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। मस्तूरी थाना प्रभारी हरीश टांडेकर ने बताया कि ग्राम हिर्री में प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण कराए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। जांच में पता चला कि गांव में रहने वाले गोरेलाल टंडन के घर पर करीब 60 से 70 लोग एकत्र थे।
स्थानीय निवासी सुमित सिंह ने पुलिस को शिकायत में बताया कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन और रुपये का लालच देकर प्रार्थना सभा में बुलाया जाता था। इस सभा में आए लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जाता था। सुमित ने आरोप लगाया कि यह गतिविधि नियमित रूप से होती रही है और कई लोगों को अब तक इस तरीके से प्रभावित किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रार्थना सभा के आयोजकों पर छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य रूप से गोरेलाल टंडन, उनकी पत्नी सहोदरा टंडन, सहयोगी हरानंद टंडन निवासी कमरीद, जयपाल केंवट निवासी बेलमुंडी, ज्योतिष कुमार अंचल निवासी सिल्ली और कुमार तरुण सूर्यवंशी दर्री, जांजगीर शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनका उद्देश्य है कि इस मामले में जुड़े अन्य लोगों तक पहुँचा जाए और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाए। थाना प्रभारी हरीश टांडेकर ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है और आगे किसी भी तरह की आपत्तिजनक गतिविधि को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और असहाय लोगों को इस तरह के प्रलोभनों से प्रभावित करना समाज के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं और आर्थिक स्थिति का दुरुपयोग करके किसी को प्रभावित न कर सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, मतांतरण के इस प्रकार के मामले अक्सर कमजोर आर्थिक स्थिति वाले लोगों के बीच प्रभाव डालकर उन्हें धार्मिक रूप से बदलने की कोशिश से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन की सतर्कता बेहद आवश्यक होती है ताकि किसी भी तरह की सामाजिक अस्थिरता और धार्मिक विवाद पैदा न हो। इस मामले में गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई ने स्थानीय समुदाय में राहत की भावना पैदा की है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें भरोसा है कि प्रशासन गरीब और कमजोर वर्ग के अधिकारों की रक्षा करेगा और किसी भी प्रकार की धर्म परिवर्तन की गतिविधि को रोकने के लिए कार्रवाई करेगा।
पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर नागरिक के धार्मिक अधिकारों की रक्षा हो और किसी भी प्रकार की मजबूरी या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन न कराया जा सके। इस प्रकार, मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम हिर्री में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि पुलिस और प्रशासन गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों की सुरक्षा और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ से उम्मीद की जा रही है कि मामले में और भी तथ्य उजागर होंगे और दोषियों को उचित कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।