छत्तीसगढ़
21 माओवादी कैडर ने हथियार छोड़ आत्मसमर्पण किया, मंत्री नेताम ने कहा- ‘नया बस्तर’ की ओर बड़ा कदम"
Shantanu Roy
26 Oct 2025 10:05 PM IST

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Bastar. बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में विश्वास, विकास और शांति के नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार की “पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत माओवादी हिंसा को समाप्त करने और समाज में पुनर्वास को बढ़ावा देने का कार्य तेजी से जारी है। आज कांकेर जिले में एक बड़ी सफलता देखने को मिली, जब 21 माओवादी कैडरों ने अपने 18 आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। इनमें 13 महिला और 8 पुरुष कैडर शामिल हैं। सभी ने हिंसा का मार्ग छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने कहा कि यह कदम “नया बस्तर” बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
बस्तर में विश्वास, विकास और शांति का नया अध्याय लिख रहा है छत्तीसगढ़।
— Ramvichar Netam (@RamvicharNetam) October 26, 2025
“पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत कांकेर जिले में आज एक और बड़ी सफलता मिली है।
डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश सहित 21 माओवादी कैडरों ने अपने 18 आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर हिंसा का मार्ग…
आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में से कुछ ने कहा कि उन्होंने विकास, शिक्षा और शांति की दिशा में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि अब वे अपने जीवन को सकारात्मक रूप से समाज के लिए समर्पित करेंगे। सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे पुनर्वास और सशक्तिकरण के कार्यक्रमों से उन्हें नए अवसर और रोजगार मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने बताया कि राज्य सरकार ने माओवादियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास के लिए विशेष योजनाएँ बनाई हैं। इसके तहत उन्हें आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और शिक्षा के अवसर दिए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि इससे न केवल बस्तर क्षेत्र में शांति आएगी, बल्कि स्थानीय विकास और सामाजिक समरसता भी सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में “नक्सलमुक्त भारत” का सपना शीघ्र ही साकार होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस दिशा में सरकार का सहयोग करें और समाज में शांति, सुरक्षा और विकास के संदेश को आगे बढ़ाएँ। राज्य प्रशासन का कहना है कि आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों के लिए विकास, शिक्षा और रोजगार के अवसरों के साथ पुनर्वास कार्यक्रम पहले से सक्रिय हैं। इससे न केवल माओवादी हिंसा का मार्ग रोका जाएगा, बल्कि बस्तर क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी बल मिलेगा।
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