CG BREAKING: युवती की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज मामला, दो आरोपी गिरफ्तार

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Update: 2025-12-05 13:24 GMT
Ambikapur. अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में मानव तस्करी का एक और गंभीर मामला सामने आया है। अंबिकापुर पुलिस ने एक युवती की खरीद-फरोख्त करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह कार्रवाई पीड़िता की बहन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है, जिसमें युवती को नौकरी दिलाने के बहाने उज्जैन ले जाकर बेचने का आरोप लगाया गया था।
नौकरी के बहाने ले जाकर 2 लाख में बेच दिया
मामले की शुरुआत 19 नवंबर 2025 को हुई, जब पीड़िता की सहेली अलका ने शादी-पार्टी में काम दिलाने का झांसा देकर उसे पत्थलगांव ले जाने की बात कही। लेकिन योजना के तहत वह पीड़िता को मध्यप्रदेश के उज्जैन ले गई, जहां उसे अशोक नाम के व्यक्ति को 2 लाख रुपये में बेच दिया गया। आरोप है कि अशोक ने युवती को अपनी कैद में रखकर जबरन विवाह भी कर लिया था।
बहन की शिकायत पर मामला दर्ज
पीड़िता की बहन द्वारा मामले की जानकारी मिलने पर अंबिकापुर पुलिस ने 26 नवंबर को थाना मणिपुर में अपराध क्रमांक 323/2025 के तहत विभिन्न धाराओं 143(2), 187, 3(5) BNS, 140(3), 142, 144(2), 64 2D BNSमें प्रकरण दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विवेचना तत्काल शुरू की गई।
उज्जैन से पीड़िता को बरामद, एक आरोपी पहले ही गिरफ्त में
मामले में जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम उज्जैन रवाना हुई। वहां से जांच टीम ने भंवर सिंह के कब्जे से पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया था। उसके साथ मौजूद आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर रिमांड में भेजा गया था। हालांकि मुख्य आरोपी अशोक परमार और एक अन्य महिला आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार थे, जिनकी तलाश में पुलिस की टीम सक्रिय रूप से जुटी हुई थी।
मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपी चढ़े हत्थे
5 दिसंबर को पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण सूचना मिली, जिसके आधार पर मणिपुर पुलिस टीम ने उज्जैन में दबिश दी। कार्रवाई में मुख्य आरोपी अशोक परमार (30 वर्ष), पिता चुन्नीलाल परमार, निवासी भान बड़ोदिया पोस्ट ताजपुर थाना घटिया, जिला उज्जैन (म.प्र.) और एक अन्य महिला आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्रवाई में थाना मणिपुर के प्रभारी निरीक्षक अश्विनी सिंह, सहायक उप निरीक्षक शौखी लाल, और आरक्षक सत्येंद्र दुबे की अहम भूमिका रही। पुलिस ने कहा कि मानव तस्करी व महिलाओं की खरीद-फरोख्त के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस पूरे प्रकरण ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और मानव तस्करी के खिलाफ मजबूत निगरानी और जागरूकता की आवश्यकता को फिर उजागर किया है।
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