Raipur. रायपुर। रायपुर के धरसींवा से लगे औद्योगिक क्षेत्र उरला-बोरझरा में लगातार हो रहे हादसों के बीच एक और गंभीर घटना सामने आई है। उरला सरोरा स्थित सपना स्टील फैक्ट्री में भट्टी में काम करते समय श्रमिक मधुसूदन कपाट गंभीर रूप से झुलस गया। यह हादसा सुरक्षा के उपायों की अनदेखी और फैक्ट्री में कर्मचारियों की सुरक्षा पर lax attitude का उदाहरण है। जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर को हुई। मधुसूदन कपाट भट्टी में काम कर रहे थे, तभी अचानक दुर्घटना के कारण उनके दोनों हाथ और सिर झुलस गए। तत्काल उन्हें इलाज के लिए सरोरा के सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि श्रमिक लगभग 35 प्रतिशत झुलसा है, लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर है।
उरला पुलिस ने बताया कि इस मामले की उन्हें अभी तक किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई है। फैक्ट्री मालिक घनश्याम अग्रवाल से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे हादसे यहां रोजाना होते रहते हैं, इसलिए पुलिस को सूचना देने की आवश्यकता नहीं समझते। यह बयान औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा नियमों की अनदेखी और कर्मचारियों की भलाई के प्रति उदासीनता को उजागर करता है। पीड़ित मधुसूदन कपाट ने अस्पताल में बताया कि वह काम के दौरान अचानक हुए हादसे में घायल हुए। उनके दोनों हाथ और सिर पर झुलस के गंभीर निशान हैं। उनके भाई विश्वनाथ कपाट ने बताया कि मधुसूदन की दो साल की बच्ची है और माता-पिता भी हैं। फिलहाल उनकी पत्नी और बच्ची पश्चिम बंगाल से रायपुर नहीं पहुंची हैं, जिससे परिवार को भी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
सिटी अस्पताल के डॉक्टर प्रकाश मार्कंडेय ने बताया कि मधुसूदन की प्राथमिक चिकित्सा की जा चुकी है और अब उनकी हालत स्थिर है। चिकित्सक ने कहा कि गंभीरता को देखते हुए उनके बेहतर इलाज और देखभाल की जरूरत है, ताकि वह जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। उरला-बोरझरा औद्योगिक क्षेत्र में यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कर्मचारियों के लिए अपर्याप्त प्रशिक्षण का प्रमाण है। विशेषज्ञों का कहना है कि भट्टी जैसी उच्च तापमान वाली कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग, प्रशिक्षण और तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली होनी चाहिए। इन उपायों के अभाव में ऐसे हादसे अक्सर गंभीर रूप ले लेते हैं।
स्थानीय निवासी और कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में इस औद्योगिक क्षेत्र में कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके फैक्ट्री मालिक सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारियों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए राज्य औद्योगिक नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करे। मधुसूदन कपाट के परिवार और स्थानीय मजदूरों की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू किया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।