डौंडी अस्पताल में हंगामा: डॉक्टर को दी गई धमकी, पुलिस से की गई शिकायत
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Balod. बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में शासकीय अस्पताल डौंडी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां उपचार के लिए पहुंचे मरीज के साथ आए व्यक्ति ने मेडिकल ऑफिसर (एमओ) को ऊंची आवाज में धमकी देते हुए अस्पताल बंद करने तक की बात कह डाली। घटना के बाद पूरे स्वास्थ्य अमले में दहशत का माहौल है। पीड़ित डॉक्टर ने मामले की शिकायत लिखित आवेदन के माध्यम से पुलिस थाने में दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, 25 अगस्त 2025 की दोपहर करीब 12:30 बजे मरीज जगन्नाथ (पिता परमेश्वर, उम्र 30 वर्ष, निवासी उकारी) अपने परिचित गोरे लाल सोनी (निवासी डौंडी) के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडी पहुंचा। मरीज का दल्लीराजहरा में एक्स-रे कराया गया था, जिसे लेकर डॉक्टर अनुराग अमित रस्तोगी (मेडिकल ऑफिसर) के पास जांच के लिए पहुंचे। डॉ. रस्तोगी ने एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बाद बताया कि मरीज के दाएं हाथ की मेटाकारपल हड्डी में फ्रैक्चर है और उचित इलाज के लिए अस्थि रोग विशेषज्ञ (ऑर्थोपेडिक डॉक्टर) के पास रेफर करने की सलाह दी। इस बात पर मरीज के साथ आए गोरे लाल सोनी आगबबूला हो गया। उसने डॉक्टर से ऊंची आवाज में कहा कि इलाज यहीं करना पड़ेगा, अन्यथा अस्पताल बंद करा दिया जाएगा।
डॉक्टर अनुराग ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी तत्काल खंड चिकित्सा अधिकारी विजय सिंह ठाकुर को दी। उन्होंने भी गोरे लाल को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा और धमकी देते हुए वहां से चला गया। इस घटना से अस्पताल स्टाफ भी भयभीत हो गया। इसके बाद डॉ. अनुराग ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में उन्होंने उल्लेख किया है कि गोरे लाल सोनी ने शासकीय कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ धमकी भी दी, जिससे वे और अस्पताल के अन्य कर्मचारी भयभीत हो गए। आवेदन की प्रतियां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बालोद, अध्यक्ष व्यापारी संघ डौंडी, अनुभागीय अधिकारी डौंडी और स्थानीय अखबार संपादक को भी भेजी गई हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि शासकीय अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को आए दिन मरीजों के परिजनों की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। कई बार यह नाराजगी मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच जाती है। यही वजह है कि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और डॉक्टर असुरक्षित महसूस करते हैं। इस मामले में पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत प्राप्त कर ली है और जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी डौंडी का कहना है कि जांच के बाद संबंधित व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं मनोबल गिराने वाली होती हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में अनावश्यक व्यवधान पैदा करती हैं। वे मांग कर रहे हैं कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।