फिजियो और स्पीच थैरेपिस्ट पदों पर भर्ती, 19 जनवरी तक आवेदन

छग

Update: 2026-01-15 11:51 GMT
Mahasamund. महासमुंद। भारत शासन की महत्वाकांक्षी योजना समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस योजना के तहत जिला एवं विकासखंड स्तर पर स्थापित संसाधन स्त्रोत केंद्रों में फिजियो थैरेपिस्ट और स्पीच थैरेपिस्ट के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इन पदों पर नियुक्ति 31 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए की जाएगी। समावेशी शिक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सामान्य शिक्षा व्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि वे भी समान अवसरों के साथ शिक्षा ग्रहण कर सकें। इसके लिए शासन द्वारा संसाधन स्त्रोत केंद्रों की स्थापना की गई है, जहां विशेषज्ञों के माध्यम से बच्चों को आवश्यक चिकित्सकीय, शैक्षणिक और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

फिजियो थैरेपिस्ट और स्पीच थैरेपिस्ट की भूमिका इस व्यवस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि ये विशेषज्ञ बच्चों की शारीरिक एवं भाषण संबंधी समस्याओं के समाधान में सहयोग करते हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 01 फिजियो थैरेपिस्ट और 01 स्पीच थैरेपिस्ट के पदों पर योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पदों पर चयनित अभ्यर्थी संसाधन स्त्रोत केंद्रों में कार्य करते हुए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के आकलन, उपचार और परामर्श का कार्य करेंगे। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा और वे नियमित विद्यालयी गतिविधियों में बेहतर ढंग से भाग ले सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.mahasamund.gov.in पर जाकर भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, चयन प्रक्रिया एवं आवेदन प्रारूप का अवलोकन कर सकते हैं।

आवेदन करने की अंतिम तिथि 19 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस भर्ती से जिले में समावेशी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समय पर उचित थैरेपी और मार्गदर्शन मिलने से उनके शैक्षणिक विकास के साथ-साथ आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। यह पहल न केवल बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाएगी, बल्कि समाज में समानता और समावेशन की भावना को भी मजबूत करेगी। जिला प्रशासन ने योग्य अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर इस सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण कार्य का हिस्सा बनें। शासन की यह पहल समावेशी शिक्षा को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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