Raipur. रायपुर। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) किरण थवाईत की अदालत ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए NDPS एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के गंभीर मामले में आरोपी अजीत यादव को दोषसिद्ध कर 15 वर्ष सश्रम कारावास और ₹1,50,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला थाना टिकरापारा क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 31/2025 के तहत विशेष दांडिक प्रकरण क्रमांक 66/2025 के रूप में विचाराधीन था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी अजीत यादव पिता उमाशंकर यादव, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम धनेजा, थाना जफराबाद, जिला जौनपुर (उत्तर प्रदेश), को पुलिस ने 12 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। आरोपी अब तक न्यायिक अभिरक्षा में ही था और उसे जमानत नहीं मिली थी। विशेष लोक अभियोजक भुवनलाल साहू ने अदालत में मामले का प्रतिनिधित्व करते हुए आरोपी के खिलाफ सभी सबूतों और जब्त मादक पदार्थ की मात्रा को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
अदालत ने पाया कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य मजबूत, भरोसेमंद और संदेह से परे हैं। NDPS की कठोर धारा के अंतर्गत दर्ज यह प्रकरण उच्च मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ की बरामदगी से संबंधित पाया गया। अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध घोषित करते हुए 15 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1.5 लाख का जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
निर्णय में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी की न्यायिक अभिरक्षा अवधि 12.01.2025 से 24.11.2025 तक रही है, जिसे सजा अवधि में समायोजित माना जाएगा। अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस व अभियोजन पक्ष ने इसे मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई और कड़ी सजा का उद्देश्य समाज में नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों पर रोक लगाना है।