Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इसी बीच एक वायरल वीडियो ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह वीडियो पूर्व महापौर के कथित लाडले भतीजे शोएब ढेबर से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें वह एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ खुलेआम गाली-गलौज करता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे एक-दो दिन पुराना बताया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि यह घटना थाना तेलीबांधा क्षेत्र की है। वायरल वीडियो में शोएब ढेबर पर आरोप है कि वह बुजुर्ग के साथ मां-बहन की अश्लील गालियां देता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आम नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के कारण आरोपी पर कार्रवाई में देरी होगी या फिर कमिश्नरी प्रणाली के तहत पुलिस निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करेगी। जनता से रिश्ता इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है। ये वीडियो जनसरोकार के माध्यम से मिला है।
इस मामले को लेकर राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स यह सवाल कर रहे हैं कि क्या रसूखदारों के लिए कानून अलग है और आम नागरिकों के लिए अलग। इससे पहले भी शोएब ढेबर से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने का दावा किया गया था, जिसमें कथित तौर पर वह शक्ति प्रदर्शन करता नजर आया था। ऐसे में लगातार सामने आ रहे वीडियो राजधानी की कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से इस वायरल वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जानकारों का कहना है कि मामले में सबसे पहले पीड़ित बुजुर्ग का स्पष्ट बयान दर्ज किया जाना आवश्यक है, ताकि वीडियो की सत्यता, घटना का समय और परिस्थितियों की पुष्टि की जा सके।
इसके बाद ही विधिसम्मत कार्रवाई संभव है। हालांकि, सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि यदि आम व्यक्ति इस तरह की हरकत करता, तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करती। कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद यह मामला पुलिस के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। जनता यह देखना चाहती है कि क्या रसूख और राजनीतिक संबंधों से ऊपर उठकर कानून का पालन कराया जाएगा या फिर एक बार फिर “छूटभैया नेताओं” के खोखले दावे ही सामने आएंगे। यदि वायरल वीडियो की पुष्टि होती है, तो सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज और बुजुर्ग के साथ अभद्र व्यवहार जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि गलत संदेश न जाए। फिलहाल यह पूरा मामला जांच का विषय है। पुलिस द्वारा वीडियो की फोरेंसिक जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पीड़ित की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। राजधानी में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।