Raipur Breaking: सूदखोर वीरेंद्र तोमर 14 दिन की रिमांड पर जेल भेजा गया

छग

Update: 2025-11-14 16:14 GMT
Raipur. रायपुर। रायपुर पुलिस ने शुक्रवार को दलबल के साथ सूदखोर वीरेंद्र तोमर को जिला कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पूछताछ के दौरान वीरेंद्र तोमर ने पुलिस को अपने कुछ छुपने के ठिकानों और प्रॉपर्टी की जानकारी भी दी है। कोर्ट परिसर में मीडिया और लोगों के सामने वीरेंद्र तोमर ने कहा कि “मैं अपराधी नहीं हूं, मुझे फंसाया जा रहा है। मेरे परिवार को आतंकी बनाया जा रहा है। परिवार को जबरन फंसाया जा रहा है।” इस दौरान तोमर के समर्थकों ने केंद्रीय जेल के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।

वीरेंद्र तोमर का भाई रोहित तोमर अभी फरार है। रायपुर पुलिस ने उसकी तलाश में विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। तेलीबांधा थाना और पुरानी बस्ती थाने में वीरेंद्र और रोहित के खिलाफ सूदखोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। इस बीच, क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने वीरेंद्र तोमर द्वारा जुलूस निकालने का विरोध किया। शेखावत ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर समाज के लोगों से कहा कि पुलिस की कार्रवाई गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि “तोमर कोई आतंकवादी था क्या, जिसका जुलूस निकाला गया।”

शेखावत ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई जारी रही, तो क्षत्रिय समाज के लाखों लोग रायपुर कूच करेंगे और पुलिसकर्मियों के घरों तक जाएंगे, जिन्होंने तोमर के घर में छापेमारी की। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। राज शेखावत ने सोशल मीडिया पोस्ट में घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में 7 दिसंबर को न्याय महापंचायत आयोजित की जाएगी। उनका कहना है कि यह महापंचायत समाज के हित में होगी और पुलिस की कार्रवाई पर विचार करेगी। हालांकि, तीन महीने पहले करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने स्पष्ट कर दिया था कि हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है। वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी और उसके समर्थकों के विरोध ने रायपुर में तनाव बढ़ा दिया है।

प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और कोर्ट परिसर तथा केंद्रीय जेल के आसपास पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। यह मामला छत्तीसगढ़ में सूदखोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े गंभीर अपराध के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है, लेकिन समाज और पुलिस के बीच बढ़ते विवाद से कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। पुलिस का कहना है कि रोहित तोमर की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और किसी भी प्रकार की हड़बड़ी या दबाव में कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि वीरेंद्र तोमर मामले में केवल आरोपी की गिरफ्तारी ही नहीं बल्कि समाज और पुलिस के बीच संवेदनशीलता बढ़ गई है। आने वाले दिनों में प्रशासन और समाज दोनों ही पक्षों की भूमिका इस विवाद के समाधान में निर्णायक साबित होगी। रायपुर में पुलिस और समाज के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर सुरक्षा उपायों को कड़ा कर दिया गया है। वीरेंद्र तोमर की 14 दिन की न्यायिक रिमांड में जेल भेजने के साथ ही, पुलिस ने आगामी कार्रवाई के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
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