Raipur Breaking: गांजा तस्कर दीपक उर्फ बबलू बबलानी को मिली 4 साल की जेल

छग

Update: 2025-12-31 14:43 GMT
Raipur. रायपुर। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए रायपुर स्थित एनडीपीएस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। तेलीबाथा थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में दर्ज गांजा तस्करी के मामले में आरोपी दीपक उर्फ बबलू बबलानी को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने चार वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला माननीय न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा द्वारा सुनाया गया। प्रकरण के अनुसार, तेलीबाथा थाना पुलिस ने वर्ष 2024 में कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक उर्फ बबलू बबलानी को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 4 किलो गांजा बरामद किया था। बरामद मादक पदार्थ की मात्रा एनडीपीएस एक्ट के तहत दंडनीय श्रेणी में आती है।

पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ विधिवत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना पूर्ण करते हुए चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी दीपक उर्फ बबलू बबलानी न्यायालय में पेशी के दौरान तीन बार अनुपस्थित रहा और फरार हो गया था। न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए फरारी काट रहे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष प्रयास किए। अंततः रायपुर पुलिस ने आरोपी को उड़ीसा से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा की गई विवेचना को न्यायालय ने महत्वपूर्ण माना। अभियोजन ने यह प्रमाणित किया कि आरोपी मादक पदार्थों की अवैध तस्करी में संलिप्त था और समाज में नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रहा था। इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए माननीय न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराया।

न्यायालय ने अपने फैसले में आरोपी दीपक उर्फ बबलू बबलानी को चार वर्ष का कठोर कारावास एवं 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त दंड का प्रावधान भी रखा गया है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज के लिए घातक है और ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त सजा जरूरी है, ताकि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस पूरे मामले की जानकारी विशेष कोर्ट अभियोजक के.के. चंद्राकर ने दी। उन्होंने बताया कि यह फैसला नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है। साथ ही यह रायपुर पुलिस और अभियोजन की प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन लगातार अभियान चला रहे हैं। एनडीपीएस कोर्ट का यह फैसला न केवल कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करता है, बल्कि नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को भी और अधिक सशक्त बनाता है।
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