Khairagarh. खैरागढ़। जिला केसीजी पुलिस टीम द्वारा अप्रैल माह के द्वितीय थाना दिवस का आयोजन पुलिस अधीक्षक केसीजी की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करना तथा नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना रहा। जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पत्रकार, ग्राम प्रमुख, कोटवार, बैंक अधिकारी, शिक्षक और आम नागरिक शामिल हुए।
थाना दिवस के दौरान पुलिस अधीक्षक ने छुईखदान में उपस्थित होकर लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का तत्काल निराकरण किया। इस अवसर पर उन्होंने साइबर फ्रॉड, नए आपराधिक कानून, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात नियमों और साइबर अपराधों से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पोर्टल का उपयोग करें। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्र के गांवों और वार्डों में साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।
थाना दिवस में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश कुमार गौतम ने थाना गंडई और मोहगांव में, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय प्रदीप येरेवार ने थाना गातापार में, एसडीओपी गंडई मानक राम कश्यप ने चौकी जालबांधा में, उप पुलिस अधीक्षक रमेश चंद्रा ने थाना बकरकट्टा और सल्हेवारा में तथा एसडीओपी खैरागढ़ आशारानी ने थाना ठेलकाडीह में पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। सभी अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण और जनसुविधाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। थाना दिवस के दौरान नागरिकों ने विभिन्न समस्याएं रखीं जिनमें अवैध शराब बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन, गांजा और नशीली दवाओं का उपयोग, शराब पीकर वाहन चलाना, साइबर ठगी, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, शैक्षणिक संस्थानों के बाहर धूम्रपान, और आवारा मवेशियों से होने वाली सड़क दुर्घटनाएं प्रमुख रहीं। इन सभी शिकायतों पर पुलिस अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट कहा कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें और जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि थाना दिवस का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास और संवाद को मजबूत करना है। इसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाता है और उन्हें प्रशासन से सीधे जुड़ने का अवसर मिलता है। थाना दिवस कार्यक्रम को लेकर आम नागरिकों में उत्साह देखा गया। लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन से पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि यह कार्यक्रम हर महीने के प्रथम और तृतीय गुरुवार को सभी थानों में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा, ताकि जनता की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके और कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।