बालोद में राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी की तैयारी शुरू, मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया भूमिपूजन
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Balod. बालोद। जिले के ग्राम दुधली में आयोजित होने वाले प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। शनिवार को कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर विधिवत भूमिपूजन किया और आगामी आयोजन को लेकर सभी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। यह राष्ट्रीय जंबूरी 9 से 13 जनवरी तक आयोजित होगी, जिसमें देशभर के प्रांतों से हजारों स्काउट्स-कैडेट्स शिरकत करेंगे। मंत्री गजेन्द्र यादव ने भूमिपूजन अवसर पर कहा कि बालोद जिला पहली बार इतने बड़े राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी करने जा रहा है, जो पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह जंबूरी केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं के लिए सेवा भाव, अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व कौशल को सीखने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए इन मूलभूत गुणों की आवश्यकता होती है, और यह कार्यक्रम उन्हें बेहतर दिशा देगा।
इस बार होने वाली राष्ट्रीय जंबूरी में देशभर के 57 राज्यों तथा विशिष्ट क्षेत्रों से लगभग 15 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। ये सभी रोवर–रेंजर और स्काउट्स कैडेट्स दुधली में स्थापित विशाल शिविर में ठहरेंगे। मंत्री यादव ने कैम्प साइट के आवास, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन मेडिकल सुविधा, परिवहन और कार्यक्रम स्थल की अन्य आवश्यक तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी इंतजाम उच्च स्तर के हों ताकि देशभर से आने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भूमिपूजन कार्यक्रम में जंबूरी डायरेक्टर अमर क्षत्रीय, भारत स्काउट एवं गाइड राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, लोक शिक्षा संचालक ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, एसपी बालोद योगेश पटेल, जेडी दुर्ग संभाग आर. एल. ठाकुर, डीईओ मधुलिका तिवारी सहित स्काउट्स एंड गाइड्स के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
जंबूरी आयोजन स्थल पर विशेष रूप से बड़े पैमाने पर टेंट सिटी तैयार की जा रही है, जहां सभी प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग सेक्शन में आवास की व्यवस्था होगी। कार्यक्रम के लिए मुख्य मंच, परेड ग्राउंड, कार्यशाला क्षेत्र, सांस्कृतिक गतिविधि स्थल और प्रदर्शनी मंडप भी विकसित किए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए जिला पुलिस और स्काउट्स एंड गाइड्स की संयुक्त टीम बनाई गई है। आयोजन समिति के अनुसार, जंबूरी के दौरान प्रतिभागी विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, सामूहिक अभ्यास, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कौशल विकास सत्र और नेतृत्व निर्माण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बालोद जिले में होने वाला यह आयोजन न केवल क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने की संभावना है। प्रशासन का दावा है कि यह आयोजन ऐतिहासिक और अत्यंत सफल साबित होगा।