पुलिस ने हंसिया से आत्महत्या की कोशिश कर रही 14 वर्षीय नाबालिग को बचाया
छग
Marwahi. मरवाही। छत्तीसगढ़ के मरवाही में पुलिस ने एक गंभीर पारिवारिक घटना में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका की जान बचाई। बालिका ने सुबह 9 बजे अपने कमरे में खुद को बंद कर हंसिया से आत्महत्या की धमकी देना शुरू किया। यह घटना करीब चार घंटे तक चली, जिसमें पुलिस और परिजनों की चौकसी ने समय रहते बड़ा नुकसान टाल दिया। जानकारी के अनुसार, बालिका परिजनों के साथ पढ़ाई और मोबाइल चलाने को लेकर नाराज थी। परिजनों, सहेलियों और शिक्षकों द्वारा समझाने के बावजूद वह दरवाजा नहीं खोल रही थी। इस बीच, पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे।
निरीक्षक रात्रे ने साहसिक कदम उठाते हुए दरवाजा तोड़ा और बालिका के हाथ से हंसिया छीना। इसके बाद बालिका को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसे तुरंत स्वास्थ्य केंद्र मरवाही में लाया गया, जहाँ प्रारंभिक जांच में बालिका को पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। पुलिस ने बालिका को समझा-बुझाकर उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस की इस मानवीय कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता और साहस ने एक बड़े पारिवारिक संकट को टाल दिया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि बाल सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है।
साथ ही उन्होंने परिजनों से अपील की कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उनकी भावनाओं और आवश्यकताओं को समझने का प्रयास करें। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई न केवल बालिका की जान बचाने में सफल रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सुरक्षा का संदेश भी दिया। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय पहल में भी सक्रिय है। इस घटना से यह संदेश मिलता है कि पारिवारिक विवादों और मानसिक तनाव के समय पुलिस की तत्परता और सही कार्रवाई महत्वपूर्ण होती है। पुलिस ने बालिका को सुरक्षित निकालकर उसकी आत्महत्या रोकने में अहम भूमिका निभाई। कुल मिलाकर, मरवाही पुलिस की यह कार्रवाई बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और समाज में सुरक्षा एवं विश्वास का प्रतीक मानी जा रही है।