Dhamtari. धमतरी। सुरक्षित भविष्य और जिम्मेदार नागरिक निर्माण की दिशा में धमतरी पुलिस द्वारा जिलेभर में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत शासकीय हाईस्कूल कुरमा तराई में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशामुक्ति, यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा नए आपराधिक कानूनों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्कूल की प्राचार्य अमिता ध्रुव, यातायात प्रभारी उनि. खेमराज साहू एवं यातायात स्टाफ, शिक्षकगण सहित 105 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून और सुरक्षा से जुड़े विषयों की जानकारी देने के साथ उन्हें सजग और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के नागरिक हैं और यदि वे स्वयं जागरूक होंगे तो इसका सकारात्मक प्रभाव उनके परिवार और पूरे समाज पर पड़ेगा। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्ति के लिए प्रेरित करने की अपील की गई। पुलिस ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को ‘नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें’ का संदेश देते हुए नशे से दूरी को सुरक्षित भविष्य की पहली सीढ़ी बताया गया।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा को लेकर भी विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस ने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का उपयोग करने की सलाह दी। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने, तेज गति और लापरवाही से वाहन नहीं चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा गलत दिशा में वाहन नहीं चलाने के बारे में समझाया गया। विद्यार्थियों को नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खतरों की जानकारी देते हुए अभिभावकों से भी इस संबंध में सावधानी बरतने की अपील की गई। पुलिस ने कहा कि यातायात नियमों की छोटी सी अनदेखी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के तरीके भी बताए गए। पुलिस ने विद्यार्थियों को अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट और APK फाइल पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी। OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने के लिए कहा गया। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदेशों से सावधान रहने तथा फर्जी लॉटरी, इनाम, नौकरी, निवेश और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े संदिग्ध लिंक से दूरी बनाए रखने की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को समझाया गया कि किसी भी संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल पर निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत फोटो, लोकेशन और अन्य निजी जानकारियां सार्वजनिक करने से बचना चाहिए। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो घबराने के बजाय तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों को ‘सोचें, समझें, फिर क्लिक करें’ का संदेश दिया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नए आपराधिक कानूनों की बुनियादी जानकारी भी दी गई। पुलिस ने कानून के प्रति जागरूक नागरिक के अधिकार और कर्तव्यों को समझाते हुए अपराध की सूचना पुलिस तक पहुंचाने की जिम्मेदारी के बारे में बताया। किसी घटना को लेकर अफवाह फैलाने के बजाय सत्य और तथ्यात्मक जानकारी संबंधित पुलिस को देने की अपील की गई।
महिला एवं बाल सुरक्षा के विषय पर भी विशेष चर्चा हुई। विद्यार्थियों को गलत स्पर्श और सही स्पर्श की जानकारी, उत्पीड़न या हिंसा का विरोध करने तथा सोशल मीडिया पर धमकी, ब्लैकमेल या किसी अन्य तरह से परेशान किए जाने पर चुप नहीं रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को दी जानी चाहिए। साथ ही पीड़ित व्यक्ति की फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने और उसकी निजता व गरिमा का सम्मान करने की अपील की गई।
पुलिस ने विद्यार्थियों को मित्रों के दबाव में आकर गलत गतिविधियों में शामिल नहीं होने, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने तथा किसी भी अपराध का हिस्सा नहीं बनने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों से कहा गया कि अपने आसपास किसी गलत गतिविधि की जानकारी होने पर उसे नजरअंदाज न करें, बल्कि भरोसेमंद शिक्षक, अभिभावक या पुलिस से सहायता लें। सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति की मदद करने के लिए भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। पुलिस ने कहा कि दुर्घटना के समय घायल का वीडियो बनाने के बजाय उसकी जान बचाने और तत्काल सहायता उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को राहवीर यानी गुड समैरिटन की भावना के बारे में जानकारी देते हुए दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में धमतरी पुलिस ने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशामुक्ति, यातायात सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। पुलिस का संदेश रहा कि ‘सजग विद्यार्थी, सुरक्षित परिवार, नशामुक्त समाज और साइबर सुरक्षित समाज’ के लक्ष्य को सामूहिक प्रयासों से हासिल किया जा सकता है। धमतरी पुलिस के अनुसार स्कूलों, कॉलेजों, ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि कानून और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे और अपराध, नशे तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
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