श्रीराम केयर अस्पताल में आरक्षक की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
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Bilaspur. बिलासपुर। शहर के श्रीराम केयर अस्पताल में एक आरक्षक की मौत के बाद हंगामे की स्थिति बन गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर विरोध किया। घटना के बाद अस्पताल में तनाव का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ानी पड़ी। मृतक आरक्षक की पहचान सत्यकुमार पाटले के रूप में हुई है, जो सरकंडा थाने में पदस्थ थे। जानकारी के अनुसार, उन्हें 28 तारीख को पथरी की समस्या के चलते श्रीराम केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों द्वारा उनका ऑपरेशन किया गया था, जिसके बाद शुरुआती दिनों में उनकी हालत सामान्य बताई जा रही थी।
परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद आरक्षक की तबीयत में सुधार देखा जा रहा था, लेकिन आज शाम अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल में ही इलाज दिया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी मौत हो गई। जैसे ही यह खबर परिजनों को मिली, वे आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण आरक्षक की जान गई। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर उचित देखभाल न करने का आरोप लगाया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखी गई।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डॉक्टरों ने इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है और कहा है कि मरीज की स्थिति अचानक गंभीर हो गई थी।
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज और मरीजों की देखभाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन लगातार यह मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल परिसर में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन परिजनों का आक्रोश अभी भी बना हुआ है।