पीएम मोदी का रायपुर दौरा, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ली समीक्षा बैठक
नवा रायपुर रोड पर दिखे PM मोदी के सैकड़ों बैनर-पोस्टर
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर इस बार राज्य की रजत जयंती समारोह बेहद भव्य और ऐतिहासिक होने जा रहा है। एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचकर इस समारोह का शुभारंभ करेंगे। उनके इस दौरे को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जो करीब 2 घंटे 30 मिनट तक चली। बैठक में प्रधानमंत्री के दौरे से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
इसमें सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट, अतिथि स्वागत, कार्यक्रम संचालन और लॉजिस्टिक तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि “प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ प्रवास सुरक्षित, संगठित और प्रभावशाली होना चाहिए। जनता और अतिथियों की सुविधा सर्वोपरि है, इसलिए प्रत्येक विभाग को अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता और समयबद्ध तरीके से निभानी होगी।” बैठक में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, विभाग प्रमुख, पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता के गौरव और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने सभी विभागों से आग्रह किया कि तैयारियों में कोई कमी न छोड़ी जाए।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाई जाए और किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए विशेष दल तैनात रहें। रायपुर से लेकर नवा रायपुर तक सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जा रहे हैं। राजधानी रायपुर से नया रायपुर तक 20 आईपीएस अधिकारी, 100 एडिशनल एसपी और डीएसपी रैंक के अधिकारी, और करीब 5 हजार पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि सुरक्षा को लेकर शहर को कई सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में अधिकारी और जवानों की ड्यूटी तय की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
नवा रायपुर में भारी वाहनों पर रोक और पार्किंग व्यवस्था
एक नवंबर को प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों को देखते हुए सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक नया रायपुर क्षेत्र में भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। आम नागरिकों की सुविधा के लिए 16 पार्किंग जोन बनाए गए हैं। वहां से लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाने-ले जाने के लिए 100 ई-रिक्शों की विशेष व्यवस्था की जाएगी। पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट का ही पालन करें और समय से पहले स्थल पर पहुंचे।
राज्योत्सव कार्यक्रम की झलक और पीएम मोदी का दौरा कार्यक्रम
इस वर्ष राज्योत्सव कार्यक्रम नया रायपुर के विशाल मैदान में आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे राज्य की संस्कृति, परंपरा और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाला “गौरव समारोह” बताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नवंबर को सुबह 9:40 बजे विशेष विमान से रायपुर पहुंचेंगे। सुबह 10:00 से 10:30 बजे तक वे सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बच्चों से ‘दिल की बात’ कार्यक्रम में संवाद करेंगे।
इसके बाद 10:45 से 11:30 बजे तक ब्रह्मकुमारी के शांति शिखर भवन का शुभारंभ करेंगे। सुबह 11:45 से दोपहर 1:15 बजे तक प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ विधानसभा के नए भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 से 2:15 बजे तक जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के म्यूजियम का लोकार्पण करेंगे। दोपहर 2:30 से शाम 4 बजे तक वे राज्योत्सव समारोह का शुभारंभ करेंगे और इस भव्य आयोजन में जनता को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम 4:30 बजे प्रधानमंत्री रायपुर विमानतल से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा — यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण
बैठक के समापन के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता के गर्व और आत्मसम्मान का प्रतीक है। राज्य की रजत जयंती हमारे विकास, संस्कृति और एकता की पहचान है।” मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्योत्सव के दौरान प्रधानमंत्री न केवल उद्घाटन करेंगे बल्कि राज्य की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। साथ ही, प्रदेश के जनजातीय समाज, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं से संवाद भी करेंगे।
जनजातीय गौरव पर भी होगा विशेष कार्यक्रम
राज्य सरकार ने राज्योत्सव के मंच पर जनजातीय गौरव दिवस की भावना को प्रमुखता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि “भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की परंपरा प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू की थी, जिसने देशभर में आदिवासी समाज के सम्मान को नई ऊंचाई दी है।”
सांस्कृतिक झलकियों और प्रदर्शनी की तैयारियां
राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला, नृत्य और संगीत की झलक भी देखने को मिलेगी। राज्य के सभी जिलों से कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा, कृषि, वन, पर्यटन, उद्योग और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। राज्य की राजधानी और नया रायपुर में सुरक्षा की कमान एडीजी रैंक के अधिकारियों के हाथ में होगी। वे लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। ड्रोन कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। साथ ही, कार्यक्रम स्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी रेस्पॉन्स सिस्टम भी सक्रिय रहेंगे।