New Delhi. नई दिल्ली। नॉर्वे के किंग हेराल्ड का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए श्रद्धांजलि दी। किंग हेराल्ड 1991 से नॉर्वे के राजा थे और हाल के वर्षों में कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।
89 साल की उम्र में किंग हेराल्ड का निधन
नॉर्वे के पांचवें महाराजा किंग हेराल्ड का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से नॉर्वे में शोक का माहौल है। शाही महल की ओर से गुरुवार को जानकारी दी गई थी कि किंग हेराल्ड की हालत काफी गंभीर है और उनका इलाज ओस्लो के नेशनल हॉस्पिटल में चल रहा है। इसके बाद उनके निधन की खबर सामने आई। किंग हेराल्ड 1991 से नॉर्वे के राजा थे। उन्होंने लंबे समय तक देश की राजशाही का नेतृत्व किया। बीते कुछ वर्षों में उनकी सेहत को लेकर कई बार चिंता सामने आई थी और उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
किंग हेराल्ड के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक जताया। पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्वे के किंग हेराल्ड के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस साल की शुरुआत में अपनी नॉर्वे यात्रा के दौरान किंग हेराल्ड से हुई मुलाकात को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वह उस मुलाकात को स्नेहपूर्वक याद करते हैं। पीएम मोदी ने किंग हेराल्ड की गर्मजोशी और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा की भावना की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने नॉर्वे के शाही परिवार और और वहां के लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
बीमारी के बाद बिगड़ी थी हालत
किंग हेराल्ड 17 अगस्त से अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें हीमोलिटिक एनीमिया की समस्या के कारण अस्पताल में इलाज के लिए रखा गया था। बाद में उनकी स्थिति और गंभीर हो गई। उन्हें बैक्टीरियल ब्लडस्ट्रीम इंफेक्शन भी हो गया था। राजा की तबीयत बिगड़ने के बाद क्वीन सोन्या और क्राउन प्रिंस हाकोन ने अपने आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए थे। क्राउन प्रिंस हाकोन उस समय रीजेंट के तौर पर काम कर रहे थे। शाही परिवार के अन्य सदस्य भी राजा के पास पहुंचे थे। पिछले कुछ वर्षों में किंग हेराल्ड को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा था। उनके इलाज के दौरान स्थायी पेसमेकर लगाने के लिए सर्जरी भी हुई थी। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उन्होंने अपने आधिकारिक कार्यक्रमों में भी कमी की थी।
रॉयल पैलेस के बाहर जुटे लोग
किंग हेराल्ड की बिगड़ती सेहत की खबर सामने आने के बाद ओस्लो स्थित रॉयल पैलेस के बाहर सैकड़ों लोग जुट गए थे। लोग राजा के सम्मान में फूल और मोमबत्तियां लेकर पहुंचे। लोगों ने पैलेस के बाहर फूल रखे, मोमबत्तियां जलाईं और राजा के लिए हाथ से लिखे संदेश तथा चित्र छोड़े। नॉर्वे के अन्य शहरों में भी लोगों के जुटने की खबर सामने आई थी। लोग राजा के स्वास्थ्य को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे थे। किंग हेराल्ड नॉर्वे के सार्वजनिक जीवन का लंबे समय से प्रमुख चेहरा रहे थे। उनके निधन की खबर के बाद देश में शोक की स्थिति बन गई।
प्रधानमंत्री ने भी यात्रा रद्द की
राजा की हालत गंभीर होने के बाद नॉर्वे के वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने कार्यक्रमों में बदलाव किया था। प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे ने जर्मनी की अपनी नियोजित यात्रा रद्द कर दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह पूरे देश के साथ राजा और शाही परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। संसद अध्यक्ष मसूद घराहखानी ने भी अपनी विदेश यात्रा बीच में रोककर नॉर्वे लौटने का फैसला किया था। किंग हेराल्ड ने 1991 में नॉर्वे की राजगद्दी संभाली थी। हाल के वर्षों में स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद उन्होंने कई बार गद्दी छोड़ने से इनकार किया था। उनका कहना था कि नॉर्वे की संसद के सामने ली गई उनकी शपथ आजीवन प्रतिबद्धता है। 89 साल की उम्र में किंग हेराल्ड के निधन के बाद नॉर्वे के शाही परिवार और देश के लोगों के बीच शोक का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन पर श्रद्धांजलि देते हुए नॉर्वे के शाही परिवार और लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर की हैं।