Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही अंदरूनी हलचल एक बार फिर सामने आ गई है। दिल्ली दौरे से वरिष्ठ नेताओं के लौटने के बाद पार्टी के भीतर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर कांग्रेस नेता और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जानकारी के अनुसार, अरुण मालाकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर एक पोस्ट किया था। बताया जा रहा है कि इस पोस्ट में उन्होंने उमेश पटेल के नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर अपनी राय व्यक्त की थी। पार्टी संगठन ने इस पोस्ट को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है और इसे कांग्रेस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि संगठन के महत्वपूर्ण पद को लेकर सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणी करना पार्टी की निर्धारित अनुशासन प्रक्रिया के विपरीत है। कांग्रेस संगठन ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के अंदरूनी विषयों को सार्वजनिक रूप से उठाने से कार्यकर्ताओं और जनता के बीच गलत संदेश जाता है। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर संगठन की ओर से अरुण मालाकार को यह नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे तीन दिन के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया जाता है या जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाओं का दौर जारी है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद संगठन में बदलाव की संभावना जताई जा रही थी। इसी को लेकर पार्टी के भीतर नए नेतृत्व को लेकर कई नामों पर चर्चा होती रही है। दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठकों के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर गतिविधियां और तेज हो गई हैं। कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अपनी-अपनी राय सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से जाहिर कर रहे हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व लगातार यह संदेश देता रहा है कि संगठन से जुड़े निर्णय शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं और सभी नेताओं को अनुशासन का पालन करना चाहिए।
अरुण मालाकार लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े रहे हैं और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पार्टी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके खिलाफ जारी नोटिस के बाद कांग्रेस के अंदर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर उनके जवाब और पार्टी की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। वहीं कांग्रेस संगठन की ओर से अभी तक इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अरुण मालाकार के जवाब के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही इस सियासी हलचल के बीच सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई ने पार्टी के अंदर अनुशासन और नेतृत्व को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।