Bhanupratappur. भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में गांजे की अवैध खेती का मामला सामने आया है। भानुप्रतापपुर थाना पुलिस ने ग्राम भूरसा तरहुल में कार्रवाई करते हुए एक ग्रामीण के खेत से 850 से अधिक गांजे के पौधे बरामद किए हैं। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के घर से लगे खेत में बड़ी संख्या में गांजे के पौधे उगाए जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। पुलिस के मुताबिक, भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भूरसा तरहुल में एक ग्रामीण द्वारा अपने खेत में गांजे की खेती किए जाने की सूचना मिली थी।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया। तलाशी के दौरान खेत में बड़ी संख्या में ऐसे पौधे मिले, जिन्हें प्राथमिक रूप से गांजे के पौधे माना गया। इसके बाद पुलिस ने पौधों को जब्त कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से 850 से अधिक गांजे के पौधे बरामद किए। कार्रवाई के दौरान आरोपी की पहचान सुभाष कोरेटी, निवासी ग्राम भूरसा तरहुल के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने गांजे की खेती से जुड़े कई अहम तथ्य बताए।
खुद गांजे का सेवन करने की बात कबूली
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह खुद गांजे का सेवन करता है। इसी वजह से उसने गांजे के बीज तैयार किए और उन्हें अपने घर से लगे खेत में अलग-अलग स्थानों पर लगा दिया। समय बीतने के साथ पौधे बड़े होते गए और खेत में गांजे की फसल तैयार हो गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गांजे के पौधे किसी बाहरी स्थान से लाकर खेत में लगाए थे या उसने स्वयं बीज तैयार किए थे, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस इस पहलू को भी खंगाल रही है कि इतनी बड़ी संख्या में पौधे तैयार करने के पीछे केवल व्यक्तिगत सेवन का उद्देश्य था या इसके पीछे किसी तरह की अवैध बिक्री या तस्करी की योजना भी थी।
पौधों की जांच कराई गई
कार्रवाई के दौरान बरामद पौधों की पहचान और पुष्टि के लिए संबंधित अधिकारी को मौके पर बुलाया गया। पौधों का परीक्षण करने के बाद उनके गांजे के पौधे होने की पुष्टि किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने सभी पौधों को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। मामले की जांच में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी लंबे समय से गांजे की खेती कर रहा था या हाल ही में इसकी शुरुआत की थी। खेत में कितने समय से पौधे उगाए जा रहे थे और बीज कहां से प्राप्त किए गए, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
अन्य लोगों की भूमिका की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेती में आरोपी को किसी अन्य व्यक्ति से मदद मिली थी या नहीं। इसके अलावा खेती का उद्देश्य क्या था और तैयार फसल का इस्तेमाल किस प्रकार किया जाना था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
ऐसे मामलों में पुलिस का फोकस केवल फसल बरामद करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बीज की उपलब्धता, खेती के स्थान, संभावित खरीदार और सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जाती है। फिलहाल आरोपी सुभाष कोरेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस बरामद गांजे के पौधों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने के साथ संभावित अन्य आरोपियों और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 850 से अधिक पौधे उगाने के पीछे आरोपी का वास्तविक उद्देश्य क्या था।
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