Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले में एक घरेलू समस्या का समाधान कराने का झांसा देकर एक छात्र से करीब 1.59 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित छात्र ने सुपेला थाना में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस गहन जांच में जुट गई है। साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन और बैंक लेन-देन की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
घटना का विवरण
पीड़ित छात्र का कहना है कि वह इंदिरा नगर, सुपेला में रहता है और पढ़ाई कर रहा है। 8 सितंबर को उसने इंस्टाग्राम पर ‘Astrologer Kinnar Gurumata’ नाम की आईडी देखी। इस आईडी पर घर से जुड़ी समस्याओं का तंत्र विद्या से समाधान कराने का विज्ञापन दिया गया था। छात्र ने उस आईडी पर संदेश भेजा, जिसके बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर दिया और कॉल करने को कहा। फोन पर बातचीत में आरोपी ने पूजा कराने और खर्च 2,250 रुपए की जानकारी दी। छात्र ने सहमति दी और आरोपी के भेजे गए UPI आईडी asing6977@oksbi पर दो बार 1,300 और 1,000 रुपए ट्रांसफर किए।
लगातार पैसे की मांग
इसके बाद आरोपी ने वीडियो कॉल के माध्यम से पूजा दिखाकर बार-बार छात्र से पैसे मंगवाए। आरोपी ने कई बहाने बनाए – कभी उज्जैन में पूजा, कभी भैरव पूजा और भंडारे का हवाला। यहां तक कि उसने सोने का चूड़ा भेजने का झांसा देकर गाड़ी का किराया भी छात्र से वसूला। 8 से 17 सितंबर के बीच आरोपी ने अलग-अलग बहानों के जरिए छात्र से कुल 1,59,900 रुपए हड़प लिए। न तो किसी समस्या का समाधान हुआ और न ही आरोपी ने अपने वादे पूरे किए। जब छात्र को ठगी का शक हुआ, तो उसने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
सुपेला थाना पुलिस ने मामले की तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और बैंक ट्रांजेक्शन का विवरण जुटाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है, क्योंकि शातिर ठग फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट और ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को अपनी जाल में फंसाते हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी अज्ञात व्यक्ति के संदेश या कॉल पर पैसा न भेजें, विशेषकर पूजा, तंत्र विद्या, ज्योतिष और समाधान के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले फर्जी विज्ञापनों से सतर्क रहें।
सोशल मीडिया और साइबर ठगी का खतरा
सोशल मीडिया पर ऐसे कई फर्जी अकाउंट सक्रिय हैं जो ज्योतिष, तंत्र विद्या और पूजा के नाम पर लोगों को लुभाते हैं। साइबर ठग छोटे-छोटे रकम से शुरू कर लंबे समय तक लोगों को झांसा देते हैं और धीरे-धीरे बड़ी रकम हड़प लेते हैं। ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी और वैरिफिकेशन आवश्यक है। किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले व्यक्ति या संस्था की प्रामाणिकता जांचना अनिवार्य है।
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