Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संत शिरोमणि राजिम भक्तिन माता की जयंती के पावन अवसर पर राजिम स्थित पवित्र एवं प्राचीन मंदिर में विधिविधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री ने भक्तिन माता के जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज में सेवा, भक्ति और सद्भाव के भाव को मजबूत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि राजिम भक्तिन माता छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा की महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। उनका संपूर्ण जीवन भक्ति, त्याग और मानव सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने समाज को प्रेम, करुणा और समानता का मार्ग दिखाया, जो आज भी प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भक्तिन माता की शिक्षाएं समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।
लोगों को नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। पूजा-अर्चना के पश्चात मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं से संवाद किया और उन्हें भक्तिन माता जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संत परंपरा से जुड़ी है, जिसे संरक्षित और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे धार्मिक अवसर समाज को एकजुट करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भक्तिन माता के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की, ताकि एक समरस, सशक्त और खुशहाल समाज का निर्माण हो सके। इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में भक्तिन माता जयंती को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।