रायपुर में दहेज प्रताड़ना से नवविवाहिता की मौत, पति पर अपराध दर्ज

छग

Update: 2025-09-02 16:21 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी के थाना सरस्वती नगर क्षेत्र के कोटा कॉलोनी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शादी के महज तीन महीने बाद ही एक नवविवाहिता महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पति उसे लगातार दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर प्रताड़ित करता था। यही नहीं, शारीरिक शोषण और अमानवीय व्यवहार की भी पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामले में पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और दुष्कर्म जैसी धाराओं में अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
रातभर में हुई त्रासदी, सुबह मिली मौत की खबर
मामला 23 अगस्त की रात 10 बजे से 24 अगस्त की सुबह 4 बजे के बीच का है। मृतका सरस्वती निर्मलकर (30 वर्ष) पति देवानंद निर्मलकर निवासी कोटा कॉलोनी ने अपने किराए के कमरे में चुनरी से पंखे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब परिजनों और पड़ोसियों को घटना का पता चला तो क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने बताया कि नवविवाहिता की मौत को देखते हुए पंचनामा कार्रवाई दंडाधिकारी और सीन ऑफ क्राइम यूनिट रायपुर की मौजूदगी में की गई। शव का पोस्टमार्टम एम्स रायपुर में कराया गया, जिसमें मौत का कारण हैंगिंग (फांसी) ही बताया गया।
पति करता था मोटरसाइकिल की डिमांड
जांच में जो तथ्य सामने आए, उसने घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया। पुलिस के मुताबिक, पति देवानंद निर्मलकर शादी के बाद से ही दहेज में मोटरसाइकिल न मिलने पर सरस्वती को लगातार प्रताड़ित करता था। शादी में मृतका के परिजनों ने अपनी हैसियत के मुताबिक घरेलू सामान दिया था, लेकिन पति की नजर बाइक पर थी। यही नहीं, मासिक धर्म के दौरान भी पति ने सरस्वती पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। यह बात भी मर्ग जांच में उजागर हुई। इससे साफ है कि मृतका शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर लगातार यातना झेल रही थी।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के माता-पिता और भाई-बहन ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि शादी के बाद से ही सरस्वती का जीवन दुखों से भर गया था। पति आए दिन दहेज को लेकर झगड़ा करता और उसे मारपीट तथा प्रताड़ना का शिकार बनाता था। माता बैशाखीन बाई निर्मलकर ने कहा कि बेटी को हमेशा दहेज के लिए ताना सुनना पड़ता था। पिता जगदीश निर्मलकर ने बताया कि सीमित सामर्थ्य में शादी की थी, लेकिन दामाद की नजर केवल मोटरसाइकिल पर थी। बहन नीलम और भाई कमलेश ने भी बताया कि सरस्वती मानसिक रूप से बेहद परेशान थी और कई बार फोन पर उसने अपनी व्यथा सुनाई थी। परिजनों की गवाही के साथ ही पति, ससुर और देवर से हुई पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि सरस्वती को प्रताड़ित किया जाता था।
महज तीन महीने में टूटा रिश्ता
सरस्वती और देवानंद निर्मलकर की शादी चार मई 2025 को सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में परिजनों ने अपनी क्षमता के अनुसार सभी आवश्यक वस्तुएं दीं, लेकिन दहेज में बाइक न होने के कारण विवाद शुरू हो गया। विवाह के केवल तीन महीने के भीतर ही यह रिश्ता मौत की वजह बन गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में पति देवानंद निर्मलकर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने और शारीरिक शोषण की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विवेचना जारी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति पर काम किया जाएगा।
Tags:    

Similar News