गणतंत्र दिवस पर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी कार्यालय में लापरवाही, न तिरंगा फहराया गया न कार्यक्रम आयोजित
छग
Surajpur. सूरजपुर। गणतंत्र दिवस के दिन सूरजपुर में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के कार्यालय में गंभीर लापरवाही सामने आई। 26 जनवरी 2026 को संस्था के कार्यालय में न तो राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और न ही कोई औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मामले ने संस्था की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे देश में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पर्व का उल्लास और कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं सूरजपुर स्थित रेडक्रॉस सोसायटी का कार्यालय पूरे दिन सूना रहा। न तो तिरंगा फहराया गया, न राष्ट्रगान गाया गया और न ही किसी जिम्मेदार पदाधिकारी ने मौके पर उपस्थिति दर्ज कराई। इस लापरवाही से सदस्यों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी फैल गई है।
सूरजपुर कार्यालय के कई वरिष्ठ सदस्य इस चूक पर नाराज हैं। उनका कहना है कि इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी का मूल उद्देश्य सेवा और राष्ट्र के प्रति सम्मान है, लेकिन वर्तमान में संस्था का यह कार्यालय सेवा केंद्र की बजाय ‘राजनीति का अड्डा’ बनकर रह गया है। सदस्यों का आरोप है कि पदाधिकारी केवल पद और रसूख तक सीमित रह गए हैं, और राष्ट्रीय पर्वों जैसे महत्वपूर्ण अवसरों को नजरअंदाज किया जाना इसके स्पष्ट प्रमाण हैं। सदस्यों ने बताया कि गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। रेडक्रॉस जैसी मानवीय सेवा संस्था का यह कर्तव्य था कि कार्यालय स्तर पर कम से कम तिरंगा फहराया जाए और कर्मचारियों तथा सदस्यों को इस अवसर पर एकत्रित कर राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूक किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर राष्ट्रीय सेवा संस्थाओं में भी इस तरह की लापरवाही होती रही, तो इससे आम जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है। साथ ही, युवा वर्ग और स्वयंसेवक भी इस तरह की उदासीनता से निराश होंगे। इस मामले में प्रशासन और इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के उच्च अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, कई सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि इस प्रकार की लापरवाही की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों पर नियमपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय सदस्य यह भी मांग कर रहे हैं कि कार्यालय में नियमित निगरानी और जिम्मेदार पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि संगठन का मूल उद्देश्य और संवैधानिक मूल्यों का पालन सही ढंग से किया जा सके। इस घटना ने सूरजपुर में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी की छवि पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यदि ऐसे लापरवाह रवैये को रोका नहीं गया, तो संस्था के प्रति जनता का विश्वास और कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।