नगर पालिका की लापरवाही उजागर, महामाया तालाब किनारे गड्ढे में गिरकर महिला गंभीर घायल
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Mahasamund. महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला मुख्यालय में नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। महामाया तालाब के किनारे नगर पालिका के ड्रेनेज सिस्टम के टूटे स्लैब से बने गहरे गड्ढे में गिरकर एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना दोपहर करीब 1 बजकर 10 मिनट की बताई जा रही है, जो मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी तरह कैद हो गई। हादसे का वीडियो सामने आने के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल महिला की पहचान 40 वर्षीय हसीना बेगम के रूप में हुई है। वह दोपहर के समय महामाया तालाब में स्नान करने के बाद बाहर निकल रही थीं। तालाब किनारे बनी सड़क पर चलते समय उनकी नजर सड़क किनारे बने उस गड्ढे पर नहीं पड़ी, जो ड्रेनेज के टूटे स्लैब के कारण पिछले डेढ़ से दो वर्षों से खुला पड़ा है। देखते ही देखते महिला संतुलन खो बैठीं और सीधे गड्ढे में गिर गईं।
महिला के गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद कामता मन्नाडे, सतीश होटल संचालक सहित अन्य राहगीरों ने तुरंत दौड़कर महिला को गड्ढे से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की और तत्पश्चात 108 एम्बुलेंस की मदद से घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, महिला के चेहरे, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के बाद स्थानीय रहवासियों का गुस्सा नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि यह गड्ढा कोई नया नहीं है, बल्कि पिछले डेढ़ से दो सालों से इसी तरह खुला पड़ा हुआ है। कई बार राहगीर इसमें गिर चुके हैं और छोटी-बड़ी चोटों का शिकार हो चुके हैं।
इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा न तो गड्ढे को भरा गया और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग लगाई गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार नगर पालिका के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ड्रेनेज स्लैब की मरम्मत कर दी जाती या गड्ढे को बंद कर दिया जाता, तो यह हादसा रोका जा सकता था। हादसे का सीसीटीवी वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और उदासीन रवैया उजागर हो गया है। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए तालाब क्षेत्र सहित पूरे शहर में खुले पड़े गड्ढों और टूटे ड्रेनेज स्लैब की तत्काल मरम्मत की मांग भी की जा रही है।