दिल्ली। भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने हाल ही में एक बड़े रक्षा सौदे को मंजूरी दी है, जिसमें इजरायल की कंपनी राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स से लगभग 1000 स्पाइस-1000 प्रिसिजन-गाइडेड बम किट्स खरीदना शामिल है. इस फैसले से भारतीय वायु सेना (IAF) की लंबी दूरी की हमले की क्षमता मजबूत होगी.
स्पाइस-1000 एक स्टैंड-ऑफ ग्लाइड बम है, जो साधारण बमों को स्मार्ट और सटीक हथियारों में बदल देता है. यह तकनीक एंटी-जैमिंग है. गहरे हमलों के लिए उपयोगी है. भारत ने पहली बार 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक में स्पाइस प्रिसिजन गाइडेंस किट का इस्तेमाल किया था. यह फैसला ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है. स्पाइस-1000 की खरीद से IAF को उच्च-मूल्य वाले लक्ष्यों पर दूर से हमला करने की क्षमता मिलेगी, जो दुश्मन की एयर डिफेंस सिस्टम्स से बाहर रहकर संभव होगा. सौदे की डिलीवरी टाइमलाइन या यूनिट कॉस्ट की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
भारत की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) अपनी ग्लाइड बम्स जैसे गौरव विकसित कर रही है, लेकिन DAC ने स्पाइस-1000 को इसकी परिपक्वता और जल्द उपलब्धता के कारण चुना. SIPRI डेटा के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच भारत इजराइल के रक्षा निर्यात का 34% हिस्सा था, जो राफेल का सबसे बड़ा निर्यात ग्राहक बनाता है.