दुर्ग जेल में मिले मोबाइल, चिलम और ड्रग
जिला एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम का औचक निरीक्षण
Durg. दुर्ग। केन्द्रीय जेल दुर्ग में आज तड़के जिला एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने औचक छापामार कार्रवाई कर जेल परिसर में हड़कंप मचा दिया। सुबह 6 बजे के आसपास शुरू हुई इस अचानक कार्रवाई से जेल प्रशासन और बंदियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तलाशी अभियान के दौरान जेल के भीतर से दो मोबाइल फोन, चिलम, बीड़ी-सिगरेट, तंबाकू, नेल कटर और कैंची जैसी कई आपत्तिजनक एवं प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद की गई हैं। इस छापामार कार्रवाई का कमान स्वयं दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संभाली। उनके साथ प्रशासनिक एवं पुलिस महकमे के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें एडीएम वीरेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी शहर सोहनराज अग्रवाल और सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर मुख्य रूप से शामिल थे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन के लगभग 100 अधिकारियों और जवानों की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने तड़के ही पूरे जेल परिसर को अपने घेरे में ले लिया और बिना किसी पूर्व सूचना के जांच शुरू कर दी। छापामार कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम ने केन्द्रीय जेल के हर एक बैरक, शौचालय, अहाते और संभावित छिपने के स्थानों की बेहद बारीकी से तलाशी ली। सघन चेकिंग के दौरान बंदियों के कब्जे और बैरकों के गुप्त स्थानों से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। उनके साथ ही नशे का सामान जैसे चिलम, बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू के अलावा सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक मानी जाने वाली वस्तुएं जैसे कैंची और नेलकटर भी पाई गईं। कार्रवाई संपन्न होने के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा जब्त की गई सभी आपत्तिजनक सामग्रियों की सूची बनाकर वैधानिक पंचनामा तैयार किया गया है। पंचनामा की रिपोर्ट कलेक्टर दुर्ग को सौंपी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की दंडात्मक और सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है कि सुरक्षा जांच को चकमा देकर ये वस्तुएं जेल के अंदर कैसे पहुंचीं। इस मामले में जेल कर्मचारियों की मिलीभगत की भी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
रायगढ़ जेल से भी दो संदिग्ध मोबाइल बरामद
रायगढ़ जिला जेल परिसर के भीतर बृहस्पतिवार की शाम और रात दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। एक मोबाइल बाहर से जेल को दीवार के पीछे से फेंककर अंदर पहुंचाया गया था, जबकि दूसरा मोबाइल जेल परिसर स्थित 10 बिस्तर वाले अस्पताल से बरामद हुआ। इस के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, बृहस्पतिवार को शाम सुरक्षा में तैनात जेल प्रहरियों की नजर एक लावारिस मोबाइल पर पड़ी। जांच करने पर पता चला कि मोबाइल को जेल के पीछे की ओर से बाहर से भीतर फेंका गया था। इसकी सूचना तत्काल जेल अधीक्षक को दी गई, जिसके बाद मोबाइल को जब्त कर लिया गया। इसके बाद रात में जेल के 10 बिस्तर वाले अस्पताल से भी एक मोबाइल बरामद किया गया। दोनों मोबाइल बरामद होने के बाद जेल प्रबंधन ने गहन जांच शुरू कर दी है। बरामद किए गए दोनों मोबाइल फोन में एक्टिव सिम कार्ड लगे होने की बात सामने आई है। इसी कारण जेल प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जूटमिल पुलिस को पत्र लिखा है। पुलिस से यह मांग की गई है कि मोबाइल में लगे सिम कार्ड के मूल धारक की जानकारी निकाली जाए।
राजधानी में लालपुर ओवरब्रिज के पास नशीला टेबलेट बेचते युवक गिरफ्तार
राजधानी रायपुर में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से 110 नग नशीली टैबलेट, मोबाइल फोन और बिक्री रकम बरामद की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि लालपुर ओवरब्रिज के नीचे आम्रपाली कॉलोनी के पास एक व्यक्ति अपने पास नशीली टैबलेट रखे हुए है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की। नियमों का पालन करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर जांच शुरू की। मौके पर मिले युवक से पूछताछ की गई। पुलिस ने उसे मादक पदार्थ रखने के संबंध में नोटिस देकर आवश्यक कार्रवाई की। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक सफेद रंग की पॉलिथीन में रखी नाइट्राजेपाम टेबलेट बरामद हुई। इसमें कुल 11 पत्ते और 110 नग टैबलेट मिले। पुलिस के मुताबिक, बरामद टेबलेट का कुल वजन 62.07 ग्राम है। मोबाइल और बिक्री रकम भी जब्त पुलिस ने आरोपी के पास से नशीली टैबलेट के अलावा एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन और 300 रुपये बिक्री रकम भी जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 16 हजार 300 रुपये बताई गई है। इसमें नशीली टैबलेट की कीमत 11 हजार रुपये, मोबाइल की कीमत 5 हजार रुपये और नकदी शामिल है।
सिक्के के बदले 85 लाख और नोट के बदले एक करोड़ का लालच, दो आरोपी गिरफ्तार
कबीरधाम जिले में सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों और नोट के बदले लाखों-करोड़ों रुपये मिलने का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का कबीरधाम साइबर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर निवासी मोहम्मद नाजिम और मोहम्मद रोहित को तेलंगाना के निजामाबाद जिले के आरमूर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए एंड्रॉइड समेत पांच मोबाइल फोन और करीब ढाई लाख रुपये कीमत की गाड़ी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को पुराने सिक्के और नोट के बदले भारी रकम दिलाने का झांसा देते थे। पुलिस के मुताबिक अगस्त 2026 में प्रार्थी इंस्टाग्राम पर रील्स देख रहा था। इसी दौरान उसे एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसमें दावा किया गया था कि 5 रुपये के वैष्णो देवी छाप सिक्के के बदले 85 लाख रुपये और 5 रुपये के ट्रैक्टर छाप नोट के बदले 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपियों ने खुद को मुंबई का रहने वाला बताया। इसके बाद पुराने सिक्के और नोट की फोटो व्हाट्सएप पर मंगाई गई। सरकारी फीस से लेकर कस्टम ड्यूटी तक के नाम पर वसूली पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सिक्के और नोट खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर पहले आधार कार्ड और फोटो मांगे। इसके बाद ठगी का सिलसिला शुरू हुआ। आरोपियों ने सरकारी शुल्क, जीएसटी रिचार्ज, इंजन वेरिफिकेशन, कस्टम ड्यूटी, रसीद और बीमा समेत अलग-अलग बहाने बनाए और लगातार रकम जमा कराई। प्रार्थी ने अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 68 हजार 269 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी की रकम की मांग जारी रही।