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हाईकोर्ट से झटका, हेमंत सोरेन आज PMLA कोर्ट में होंगे पेश

nidhi
19 Sept 2026 10:13 AM IST
हाईकोर्ट से झटका, हेमंत सोरेन आज PMLA कोर्ट में होंगे पेश
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हेमंत सोरेन की बढ़ी मुश्किलें

Ranchi रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड हाईकोर्ट से तत्काल राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने विशेष PMLA अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की उनकी अंतरिम अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद शनिवार 19 सितंबर को रांची की विशेष PMLA अदालत में मामले की सुनवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया पर सुनवाई निर्धारित है।

मामला रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED का आरोप है कि जमीन के स्वामित्व और हस्तांतरण में कथित अनियमितताएं हुईं और इससे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनता है। हेमंत सोरेन इन आरोपों का विरोध करते रहे हैं। उनकी ओर से अदालत में कहा गया है कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। इससे पहले रांची की विशेष PMLA अदालत ने 8 जून 2026 को हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने उस स्तर पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार माना था। इसके बाद सोरेन ने निचली अदालत के आदेश को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में अंतरिम आवेदन दाखिल कर PMLA कोर्ट में आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई थी। 16 सितंबर को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। 18 सितंबर को अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर निचली अदालत की कार्यवाही रोकने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है।
अब 19 सितंबर को विशेष PMLA अदालत में आरोप तय करने से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। रिपोर्टों के अनुसार हेमंत सोरेन के अदालत में उपस्थित होने की संभावना है। हालांकि आरोप तय होने की अंतिम स्थिति अदालत की आज की कार्यवाही और आदेश पर निर्भर करेगी। इसलिए सुनवाई से पहले यह कहना उचित नहीं होगा कि आरोप निश्चित रूप से तय हो जाएंगे। ED ने इस मामले में हेमंत सोरेन को 31 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि जमीन से जुड़े कथित अवैध लेनदेन और दस्तावेजों के संबंध में उसके पास सामग्री मौजूद है। दूसरी ओर सोरेन का पक्ष रहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं।
हाईकोर्ट में सोरेन की मुख्य क्रिमिनल रिवीजन याचिका अभी लंबित है और उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड के अनुसार मामले को 14 अक्टूबर 2026 को सूचीबद्ध किया गया है। यानी अंतरिम राहत नहीं मिलने के बावजूद हाईकोर्ट में उनकी कानूनी चुनौती समाप्त नहीं हुई है। फिलहाल सभी की निगाहें रांची की विशेष PMLA अदालत की आज की कार्यवाही पर हैं। अदालत में आरोप गठन से जुड़े पक्षों को सुना जा सकता है। आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के आदेश के आधार पर तय होगी।
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