रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 19 सितंबर से प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ सकता है। शनिवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही एक-दो स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। हालांकि 19 सितंबर को पूरे प्रदेश के लिए भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। भारी वर्षा की संभावना मुख्य रूप से 20 सितंबर से आगे जताई गई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग की 18 सितंबर को जारी चेतावनी के अनुसार 19 सितंबर को छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। 20 और 21 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 22, 23 और 24 सितंबर को भी प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी और आसपास विकसित हो रही मौसमी प्रणाली को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा था। इसके प्रभाव से उत्तर अंडमान सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने और इसके बाद सिस्टम के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में नमी बढ़ने और बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
19 सितंबर को प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 20 और 21 सितंबर को भी अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना बनी रहेगी। वहीं आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है।
राजधानी रायपुर में भी मौसम बदला हुआ रह सकता है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार 19 सितंबर को रायपुर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रायपुर में बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने के कारण कई क्षेत्रों में तापमान बढ़ा था। 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार एक जून से अब तक छत्तीसगढ़ में मानसूनी बारिश सामान्य से करीब पांच प्रतिशत कम दर्ज की गई थी। पेंड्रा रोड, साल्हेवारा और चांपा में पिछले 24 घंटे के दौरान 20-20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम की स्थिति देखकर कृषि कार्य करने की सलाह दी जाती है। 19 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद 20 से 24 सितंबर के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है।
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