विधायक पुरंदर मिश्रा ने वायरल फर्जी वीडियो पर सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई शिकायत
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Raipur. रायपुर। रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी वीडियो को लेकर पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस वीडियो में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और अन्य वरिष्ठ नेताओं पर कथित रूप से 1500 करोड़ रुपये की वसूली का झूठा आरोप लगाया गया है। विधायक ने इसे सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताते हुए इसे भ्रामक, असत्य और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
झूठे आरोप और चरित्र हनन
शिकायत में पुरंदर मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर जानबूझकर एक वीडियो वायरल किया जा रहा है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। वीडियो में आपत्तिजनक भाषा और झूठे आरोपों के जरिए भाजपा नेताओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई है। इस फर्जी वीडियो में न केवल नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया, बल्कि जनता को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया है। विधायक ने बताया कि यह वीडियो केवल व्यक्तिगत मानहानि का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के विश्वास पर सीधा हमला है। उन्होंने इसे सियासी साजिश करार देते हुए कहा कि इस तरह के दुष्प्रचार से राजनीतिक माहौल भी प्रभावित हो सकता है।
भाजपा नेतृत्व को निशाना बनाया गया
वीडियो में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को खासतौर पर निशाना बनाया गया है। इसमें शामिल हैं:
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल
प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव
प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय
पुरंदर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यह केवल मानहानि का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला है।
साइबर साजिश पर सख्त कार्रवाई की मांग
विधायक ने रायपुर पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस मामले की जांच तुरंत साइबर सेल को सौंपी जाए। वीडियो बनाने, अपलोड करने, साझा करने और फैलाने वाले सभी व्यक्तियों और सोशल मीडिया आईडी धारकों की पहचान कर गैर-जमानती धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाए। उनके साथ शिकायत में वीडियो के स्क्रीनशॉट, लिंक और दुष्प्रचार में शामिल अकाउंट्स की सूची भी पुलिस को सौंप दी गई है। पुरंदर मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस तरह के फर्जी और भ्रामक सामग्री को फैलाना अपराध है और ऐसे मामलों में तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक माहौल पर असर
राज्य में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो ने राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि ऐसे झूठे वीडियो का उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक लाभ लेना है और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर हमला माना जा रहा है। विधायक ने जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी अफवाहों और झूठी सूचनाओं से प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि यह वीडियो केवल साजिश का हिस्सा है और इसका मकसद भाजपा नेतृत्व को बदनाम करना है। इस मामले में पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। साइबर सेल मामले की जांच कर आरोपी सोशल मीडिया अकाउंट्स और वीडियो बनाने वालों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई करेगी।