Kabirdham. कबीरधाम। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती के अवसर पर कबीरधाम में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और जनजातीय विभाग द्वारा कबीरधाम पीजी महाविद्यालय डोम में आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक भावना बोहरा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने आदिवासी समाज के वीरों और उनकी सांस्कृतिक धरोहर को नमन करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल उद्बोधन का प्रसारण किया गया, जिसे विधायक बोहरा सहित सभी जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, अधिकारियों और उपस्थित जनों ने सामूहिक रूप से सुना।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में आदिवासी वीरों के बलिदान, बिरसा मुंडा के संघर्ष और जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियों पर चयनित प्रतिष्ठित नागरिकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विधायक भावना बोहरा ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ मिलकर सम्मान प्रदान किया और सभी पुरस्कृत प्रतिभाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की प्रतिभा, मेहनत और संस्कृति भारत की अस्मिता की महत्वपूर्ण शक्ति है। इसके साथ ही कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के चयनित हितग्राहियों को मकान की चाबियाँ भेंट की गईं। विधायक बोहरा ने इस अवसर पर लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह योजना गरीब और कमजोर वर्ग के लिए बड़ा सहारा है।
जिससे उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित आवास का अवसर मिलता है। भावना बोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज कला, संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण की सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “जनजातीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और उनके समावेशी विकास के प्रति हम पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ आज आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर रही हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, जनजातीय समुदाय के लोग, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और सामाजिक संगठन उपस्थित रहे। जनजातीय गौरव दिवस का यह आयोजन बिरसा मुंडा जी के बलिदान और आदिवासी समाज के योगदान को याद करने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य के संकल्पों को पुनः दोहराने का अवसर बना।